गिरफ्त में आने के बाद आरोपित प्रेमी से पुलिस ने पूछताछ शुरू की, जिसे सुन कर पुलिस वाले भी दंग रह गए। आरोपित प्रेमी ने पुलिस को बताया कि नौ महीने पहले दोनों में स्नैपचैट पर दोस्ती हुई।
मिर्जा गालिब की एक बहुत महशूर शायरी है, ‘इश्क पर जोर नहीं है ये वो आतिश ‘गालिब’ कि लगाए न लगे और बुझाए न बने’। वैसे तो देखा जाए तो प्यार अंधा होता है। ये न तो उम्र देखता है और ना ही बंधन। ऐसा ही एक मामला सामने आया है उत्तर प्रदेश के बरेली में,जहां एक लड़की को मेरठ के रहने वाले एक लड़के से स्नैपचैट पर शुरू हुई बात देखते ही देखते प्यार में बदल गई। लड़के ने अपने मोहब्बत का इजहार किया तो लड़की ने प्यार करने से मना कर दिया। जिसके बाद लड़के ने गुस्सा होकर उसका नंबर ब्लॉक कर दिया। फिर क्या था लड़की ने भी अपने प्यार का इजहार कर दिया।
लड़का अपनी प्रेमिका को अपने साथ ले जाने के लिए मेरठ से बरेली पहुंच गया। पहली और दूसरी बार तो बाइक ने धोखा दे दिया। तीसरी बार प्रेमी अपने प्रेमिका को लेने ट्रेन से बरेली पहुंचा और उसे अपने साथ लेकर बस से मेरठ पहुंच गया। जिसके बाद बीते 23 दिसंबर को लड़की की बहन ने इज्जतनगर थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया। मोबाइल लोकेशन और सीडीआर की मदद से पुलिस ने मेरठ जिले के परतापुर निवासी आपोपित प्रेमी अभिषेक सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
स्नैपचैट पर हुआ प्यार
गिरफ्त में आने के बाद आरोपित प्रेमी से पुलिस ने पूछताछ शुरू की, जिसे सुन कर पुलिस वाले भी दंग रह गए। आरोपित प्रेमी ने पुलिस को बताया कि नौ महीने पहले दोनों में स्नैपचैट पर दोस्ती हुई। फिर दोनों में बातचीत शुरू हुई, जिसके बाद दोस्ती प्यार में बदल गया। इसके बाद प्रेमी लड़की को अपने साथ ले जाने की योजना बनाई और उसे अपने साथ ले गया। हालांकि लड़का माफ करने की मिन्नतें कर रहा है।
प्रेमिका के लिए करने लगा मजदूरी
अपने प्रेमिका को बरेली से मेरठ ले जाने में और वहां उसके रहने का इंतजाम करने में प्रेमी का करीब सात-आठ हजार रुपए खर्च हो गए। पैसे खत्म होने के बाद काम की तलाश में निकला। जब कोई अच्छा काम नहीं मिला तो अपनी प्रेमिका की खातिर लड़के ने मजदूरी करनी शुरू कर दी। पहले दिन की दिहाड़ी अभी पूरी भी नहीं हुई थी कि पुलिस ने उसे वहीं से गिऱफ्तार कर लिया।