
बरेली। जिले में एलपीजी सिलिंडर की कालाबाजारी पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। ब्लैक मार्केटिंग करने वालों की अब खैर नहीं होगी। जिला और तहसील स्तर पर अलग-अलग टास्क फोर्स गठित कर दी गई हैं, जो लगातार निगरानी और छापेमारी कर रही हैं। इसके साथ ही आम लोगों को राहत देते हुए अब सिर्फ आधार कार्ड दिखाकर ‘छोटू’ सिलिंडर लेने की सुविधा भी शुरू कर दी गई है।
जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि तहसील स्तर पर बनी टास्क फोर्स में एसडीएम, सीओ और पूर्ति निरीक्षक शामिल हैं। जिले की सभी पांच तहसीलों में ये टीमें सक्रिय होकर क्षेत्र में लगातार निरीक्षण कर रही हैं। शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
जिले में डीएम और एसपी की अगुवाई में अलग टास्क फोर्स बनाई गई है, जो पूरे जिले में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता, वितरण और कीमतों पर नजर रख रही है। अधिकारियों का कहना है कि हाल में सिलिंडर की कमी के चलते कालाबाजारी की आशंका बढ़ी थी, इसलिए सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। एलपीजी संकट के बीच उपभोक्ताओं की परेशानियां बढ़ी हैं। प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन पर अब तक 2400 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 2100 का निस्तारण किया जा चुका है। बाकी मामलों पर भी तेजी से कार्रवाई जारी है।
जांच में यह भी सामने आया कि करीब 300 मामलों में लोगों के पास वैध गैस कनेक्शन ही नहीं था, फिर भी वे सिलिंडर की शिकायत कर रहे थे। सख्ती बढ़ने के बाद अब ऐसे लोगों को एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कहीं भी अवैध भंडारण या तय कीमत से ज्यादा वसूली की सूचना मिलते ही तुरंत एक्शन लिया जाएगा। आम जनता से भी अपील की गई है कि किसी भी अनियमितता की जानकारी तुरंत हेल्पलाइन पर दें।
एलपीजी की किल्लत के बीच अब पांच किलो का ‘छोटू’ सिलिंडर राहत बनकर सामने आया है। सिर्फ आधार कार्ड दिखाकर मिल जाएगा सिलिंडर 560 रुपये सिक्योरिटी और पहली बार करीब 1100 रुपये खर्च बाद में 540 रुपये में रिफिल यह सुविधा खासतौर पर मजदूरों, प्रवासी श्रमिकों और अस्थायी निवासियों के लिए शुरू की गई है।
Published on:
06 Apr 2026 10:10 am
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