
बरेली। कैंट बोर्ड बरेली की बुधवार को हुई बैठक में शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। ब्रिगेडियर गगनदीप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सबसे पहले जिले की पहली आधुनिक मॉडल गौशाला विकसित करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। इसमें गौवंश के उत्तम पोषण, बेहतर पशु-चिकित्सा सेवाएं, अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन और जनसहभागिता को बढ़ावा जैसे आधुनिक तत्व शामिल होंगे।
बैठक में जिले के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) को उन्नत बनाने का निर्णय भी लिया गया। इसमें रियल-टाइम मानिटरिंग सिस्टम, ट्रीटेड पानी के पुन: उपयोग, स्लज मैनेजमेंट और हरित क्षेत्रों से समन्वय कर शहरी सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देने की बात कही गई।
शहर में इनोवेशन हब स्थापित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। यह हब युवाओं, स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों को जोड़ने का केंद्र बनेगा। यहां शहरी प्रबंधन, डिजिटल गवर्नेंस, नागरिक सेवाओं और तकनीकी नवाचारों पर काम होगा। इसके साथ ही पर्यावरण, कौशल विकास और नगरपालिका सुधारों पर केंद्रित एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना भी तय हुई, जो विभिन्न विभागों को ज्ञान, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में मदद करेगा। बोर्ड ने अमृत सरोवर के पुनर्जीवन की योजना को भी मंजूरी दी है। इसमें डे-सिल्टिंग, लैंडस्केपिंग, सोलर लाइटिंग और स्थानीय समुदाय के लिए हरित स्थल निर्माण जैसी गतिविधियां शामिल रहेंगी। कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य शिविर, प्रशिक्षण सत्र, तनाव-प्रबंधन और कार्यस्थल सुविधाओं को बेहतर करने जैसी कर्मचारी कल्याण योजनाओं को भी स्वीकृति मिली।
कैंट बोर्ड ने शहर को कार्बन न्यूट्रल बनाने की रणनीति की शुरुआत पर भी सहमति जताई है। इसमें व्यापक ऊर्जा ऑडिट, सोलर इंस्टालेशन का विस्तार, हरित परिवहन को बढ़ावा, वेस्ट-टू-एनर्जी मॉडलिंग और पौधरोपण के जरिए कार्बन सेक्वेस्ट्रेशन शामिल है। कैंट बोर्ड की सीईओ डॉ. तनु जैन ने कहा कि ये निर्णय बरेली को सतत विकास, कुशल प्रशासन और रहने योग्य शहरी भविष्य की दिशा में मजबूत कदम हैं। उन्होंने सभी विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
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Updated on:
19 Nov 2025, 5:11 PM IST
Published on:
19 Nov 2025, 5:11 PM IST
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