
बरेली। कड़ाके की ठंड में लाचार बेबस गरीबों की ठिठुरन इस बार नगर निगम के अलाव दूर कर पाएं, ऐसा मुमकिन नहीं लगता। नगर निगम गरीबों के हिस्से में आने वाली 'आंच' पर भी भ्रष्टाचार की रोटियां सेंकने में लगा है। पहले तो नाला सफाई करने वाली फर्म इम्तियाज को अलाव की व्यवस्था और लकड़ी खरीद का ठेका दे दिया। वहीं जो लकड़ी बाजार में अधिक रेट पर मिल रही है ठेकेदार की फर्म कम रेट पर अलाव में लकड़ी का इंतजाम करेगी। इससे एक बात साफ है कि लकड़ी या तो गीली होगी या फिर कम जलाई जाएगी।
नगर निगम में पुराने ठेकेदार तो खामोश हैं। मगर कुछ ऐसी फर्म हैं जिनका रसूख हर टेंडर पर कायम है। वो जो चाहे कोई सा भी ठेका ले सकते हैं। सपा सरकार में पनपे ठेकेदारों की फर्मों को अफसर खूब फलने फूलने की व्यवस्था करवा रहे है। इम्तियाज नाम की फर्म अभी तक नाला सफाई समेत अन्य का ठेका लेती रही है। अब अलाव की लकड़ी में भी आंच ले रहे हैं। कुछ ठेकेदारों की फर्म नाली निर्माण से अस्थाई रैन बसेरों के निर्माण और अन्य कामों में बिना अनुभव प्रमाण पत्र के ही अपना दबदबा बना रहे हैं।
सर्दी के मौसम में शहर के अलग-अलग चौराहों पर अलाव जलाने की व्यवस्था होती है। इसके लिए निगम ने करीब 600 क्विंटल लकड़ी लेने के लिए टेंडर निकालता है। इस बार भी टेंडर निकाले गए। पिछली बार जिस फर्म ने लकड़ी खरीद का टेंडर लिया उसका भुगतान नहीं किया। फाइलें तक गुम कर दी गई। कई तरह के आरोप निर्माण विभाग के अधिकारियों पर लगे। अब नाला सफाई करने वाली फर्म को लकड़ी खरीद का ठेका नगर निगम ने दे दिया है। अनुभव प्रमाण पत्र इसलिए नहीं लिया जाता क्यों निविदा 40 लाख से नीचे की है। इसलिए नाला सफाई फर्म को ही अलाव लकड़ी की जिम्मेदारी दे दी।
ठेकेदारों ने अब टेंडर डालते समय कई ऐसे बिंदु तय कर लिए हैं कि अगर कहीं फंस जाए तो अधिकारी अपनी उच्च अधिकारियों को यही बोल देते हैं कि बाजार से बहुत कम रेट पर टेंडर हुआ है। बस यहीं से खेल की शुरूआत हो जाती है। अलाव लकड़ी के लिए कई फर्मों ने टेंडर डाले। इनमें सबसे कम रेट 735 रुपये आया है। फिलहाल बाजार में लकड़ी का रेट 1000 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल है। इम्तियाज नाम की फर्म को ये ठेका 735 रुपये प्रति क्विंटल में दे दिया गया है। जानकारों ने बताया कि ठेकेदार या तो अलाव वाले स्थानों पर कम लकड़ी भेजेगा या फिर गीली लकड़ी को सस्ते दामों में खरीद लेगा। गीली लकड़ी कई दिनों तक जल पाती है। उसको ये दिखाने हो जाएगा कि वो रोजाना अलाव की व्यवस्था कर रहा है।
Updated on:
08 Dec 2024 03:09 pm
Published on:
08 Dec 2024 03:01 pm
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