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धर्म बदलकर मौलाना बन गया हत्यारोपी प्रदीप… हाईकोर्ट के आदेश पर 30 साल बाद बरेली पुलिस ने ऐसे किया गिरफ्तार

हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद बरेली पुलिस ने 30–35 वर्षों से कोर्ट की कार्यवाही से बचता फिर रहा हत्या का वारंटी आखिरकार दबोच ही लिया। कभी प्रदीप कुमार सक्सेना के नाम से 302 और 379 की धाराओं में वांछित चल रहा यह आरोपी नाम और धर्म बदलकर मुरादाबाद में ‘अब्दुल रहीम उर्फ सक्सेना ड्राइवर’ के नाम से जिंदगी जी रहा था।
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बरेली

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Avanish Pandey

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Updated: 27 Nov 2025, 4:55 PM IST

बरेली। हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद बरेली पुलिस ने 30–35 वर्षों से कोर्ट की कार्यवाही से बचता फिर रहा हत्या का वारंटी आखिरकार दबोच ही लिया। कभी प्रदीप कुमार सक्सेना के नाम से 302 और 379 की धाराओं में वांछित चल रहा यह आरोपी नाम और धर्म बदलकर मुरादाबाद में ‘अब्दुल रहीम उर्फ सक्सेना ड्राइवर’ के नाम से जिंदगी जी रहा था।

हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर 2025 को आदेश दिया था कि आरोपी को चार सप्ताह के अंदर गिरफ्तार करके सीजेएम बरेली के समक्ष पेश किया जाए। आदेश के बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने सीओ नगर प्रथम आशुतोष शिवम की निगरानी में विशेष टीम बनाई।

शाही से गायब, सुराग मिला भाई से

जांच टीम ने पहले आरोपी के पैतृक कस्बा शाही में तलाश की, लेकिन वहां के लोगों ने बताया कि प्रदीप करीब 30–35 साल पहले ही यहां से गायब हो गया था। उसका पता उसके भाई सुरेश बाबू से चला, जो किला थाना क्षेत्र के मोहल्ला साहूकारा में रहता है। सुरेश और उसकी पत्नी ने बताया कि प्रदीप ने मुस्लिम धर्म अपना लिया है और मुरादाबाद के मोहल्ला करूला में रहकर ड्राइवरी करता है।

मुरादाबाद में ‘सक्सेना ड्राइवर’ के नाम से मशहूर

टीम जब मुरादाबाद के ट्रांसपोर्ट नगर पहुंची तो स्थानीय लोगों ने बताया कि वहां एक ड्राइवर है, जो ‘अब्दुल रहीम उर्फ सक्सेना’ के नाम से जाना जाता है और लगभग 30 वर्षों से यहीं गाड़ी चलाता है। टीम को यह भी पता चला कि वह किसी काम से बरेली के लिए निकला है।

डेलापीर मंडी से दबोचा, पूछताछ में टूटा सच

बरेली में तलाश के दौरान मुखबिर की सूचना पर डेलापीर मंडी में पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति मिला। पूछताछ में उसने पहले अपना नाम अब्दुल रहीम बताया, लेकिन कड़ाई से पूछने पर उसने कबूल किया कि वह ही प्रदीप कुमार सक्सेना है, जो 1989 में जेल से पैरोल पर आया था और फिर फरार हो गया था। कोर्ट की कार्यवाही से बचने के लिए उसने वर्ष 2002 में धर्म परिवर्तन कर लिया और नया नाम रखकर मुरादाबाद में बस गया। पुलिस ने उसे हाईकोर्ट के गिरफ्तारी आदेश से अवगत कराते हुए करीब 11 बजे हिरासत में ले लिया।

गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम

आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रेमनगर इंस्पेक्टर प्रयागराज सिंह, दरोगा मोहम्मद सरताज, कांस्टेबल अनुराग शामिल रहे। प्रेमनगर पुलिस की इस कार्रवाई की चारों ओर चर्चा है, क्योंकि आरोपी तीन दशक से अधिक समय से कानून से बचता फिर रहा था और नए नाम-धर्म की आड़ में खुद को पूरी तरह छिपा चुका था।

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