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यहाँ रामलीला के पात्रों को जीवंत कर रहें है अल्लाह के बंदे

इस रामलीला की सबसे खास बात यह है कि इस रामलीला में तमाम मुस्लिम भी अपना योगदान दे रहें है

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यहाँ रामलीला के पात्रों को जीवंत कर रहें है अल्लाह के बंदे

बरेली। रामलीला के माध्यम से प्रभु श्री राम के आदर्शों, गुणों और उनकी गाथाओं का वर्णन किया जाता है। वैसे तो हमारे देश में इस समय तमाम जगहों पर रामलीला का मंचन किया जा रहा है जिसमे प्रभु श्री राम से जुड़ी कथाओं का प्रत्येक दिन मंचन होता है। इस साल बरेली में रंगविनायक रंगमंडल ने रामलीला को लेकर एक अनोखी शुरुआत की है। इस रामलीला की तमाम खासियत है ये रामलीला रामचरित मानस और प्रसिद्ध कथावाचक राधेश्याम की रामायण पर आधारित है। इस रामलीला की संगीतमय प्रस्तुति इसे और ख़ास बनाती है। इस रामलीला की सबसे खास बात यह है कि इस रामलीला में तमाम मुस्लिम भी अपना योगदान दे रहें है। जिसमे आठ मुस्लिम कलाकार पर्दे पर दिखाई देते है तो तमाम कलाकार पर्दे के पीछे से अपनी भूमिका अदा कर रहें है। इस अनोखी रामलीला को देखने के लिए विन्डरमेयर थियेटर में रोजाना लोगों की भीड़ उमड़ रही है।

श्री राम बने दानिश

विन्डरमेयर में चल रही ये संगीतमय रामलीला न सिर्फ भगवान श्री राम के आदर्शों को लोगों तक पहुंचा रही है बल्कि ये रामलीला गंगा जमुनी तहजीब की भी मिसाल बन गई है। इस रामलीला को पर्दे पर सजीव करने के लिए तमाम मुस्लिम कलाकार भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे है। रामलीला में दानिश श्री राम की भूमिका में है तो रईस खान की दशरथ, समयुन खान कैकेयी,सनी खान अंगद,मोहसीन खान मेघनाथ, सैयद आमान राजकुमार, और फिरदौस सूर्पणखा की भूमिका में है। इस सभी कलाकरों ने रामलीला के पात्रों को जीवंत करने के लिए दिन रात मेहनत की और सभी ने एक माह तक शाकाहारी जीवन जिया है और धार्मिक बंधनों दीवारों को तोड़ दिया है।

साउंड और लाइट इफेक्ट बनाते है ख़ास

इस रामलीला का निर्देश प्रसिद्ध रंगकर्मी अम्बुज कुकरेती ने किया है। संगीतमय रामलीला देख कर दर्शक भावविभोर हो जाते है तो रामलीला के दौरान साउंड और लाइट इफेक्ट इसे और खास बनाते है। रामलीला में तकनीकी का प्रयोग कर हनुमान की का अशोक वाटिका में प्रवेश, लक्ष्मण मेघनाथ युद्ध और लंका दहन आदि के सीन लाइट और साउंड इफेक्ट से जीवंत किए जा रहे हैं। कलाकारों के मंचन और तकनीक की मदद से दर्शक पूरी रामलीला ढाई घंटे में देख पा रहे हैं।

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