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बरेली। बरेली के लोगों का हवाई सफर का सपना जल्द पूरा होने वाला है। त्रिशूल हवाई अड्डे के बगल में बन रहे नाथ नगरी एयर टर्मिनल की एक और बाधा दूर हो गई है। प्लेन को पार्क करने के लिए त्रिशूल एयरबेस ने अपना एप्रॉन प्रयोग करने की अनुमति दे दी है। लेकिन रक्षा मंत्रालय की अनुमति के बाद ही इस पर फैसला हो सकेगा। एयरबेस का एप्रॉन प्रयोग होने से यहां से चार महीने के भीतर उड़ान शुरू होने की संभावना है क्योंकि इतने समय में टैक्सी वे भी बनकर तैयार हो जाएगा।
बरेली से जल्द हवाई सफर शुरू कराने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इण्डिया की टीम लगातार बरेली का दौरा कर रही है और वो एयर टर्मिनल से जुडी बाधाओं को दूर करने का काम कर रही है। इसी क्रम में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इण्डिया की टीम बरेली पहुंची और यहां पर उसने एयरफोर्स के अफसरों के साथ बैठक कर प्लेन को पार्क करने की बाधा को दूर किया।
एप्रॉन में पार्क होते है जहाज
एयरपोर्ट से उड़ान भरने के लिए रनवे, टैक्सीवे और एप्रॉन की बहुत जरूरत होती है। रनवे से हटने के बाद एप्रॉन में ही प्लेन को पार्क किया जाता है और यही पर यात्रियों को प्लेन में चढ़ाया और उतारा जाता है। नाथ नगरी एयर टर्मिनल के लिए स्थाई एप्रॉन का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन इसके पहले अस्थाई एप्रॉन का प्रयोग किया जा सकेगा।
धीरे धीरे आगे बढ़ रहा प्रोजेक्ट
बरेली से हवाई सफर को शुरू करने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने त्रिशूल एयरबेस के पास एयर टर्मिनल का शिलान्यास किया था लेकिन ये प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया। फिर अखिलेश सरकार में इस प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ी और जमीन का अधिग्रहण शुरू हो गया। अब योगी सरकार में इस एयर टर्मिनल का नाम नाथनगरी एयर टर्मिनल रखा गया है और इसके काम में तेजी आई है। अभी तक एयर टर्मिनल के लिए 45 एकड़ जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। टैक्सीवे के लिए सात एकड़ जमीन का और अधिग्रहण होना है जिसके लिए सरकार से आठ करोड़ रूपये भी मिल चुका है और सोमवार से भूमि का अधिग्रहण शुरू हो जाएगा। अब तक इस प्रोजेक्ट पर 60 करोड़ रूपये खर्च हो चुका है।
Published on:
05 Apr 2018 12:09 pm
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