
बरेली। नेपाल सीमा से जुड़े अवैध कारोबार और हवाला नेटवर्क की गंध मिलते ही आयकर विभाग ने बुधवार को रियल एस्टेट कारोबारी अब्दुल रहमान खान उर्फ़ मोईन खान के काले साम्राज्य पर सबसे बड़ी कार्रवाई कर दी। बहराइच से लेकर आगरा, मथुरा और बरेली मंडल तक उसके 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी से पूरा नेटवर्क हिल गया। जांच में बोगस कंपनियों, हवाला ट्रांजैक्शन, करोड़ों की बेनामी संपत्तियों और संदिग्ध दस्तावेजों का भंडार सामने आया है।
छापेमारी का सबसे अहम फोकस बरेली मंडल, विशेषकर पीलीभीत जिला रहा, जहाँ नेपाल बॉर्डर सीधे लगता है। खुफिया एजेंसियों को संदेह है कि नेपाल सीमा के रास्ते अवैध गतिविधियों, हवाला रकम की आवाजाही और फर्जी रियल एस्टेट प्रोजेक्टों के जरिए काले धन को सफेद करने का खेल चल रहा था। यही कारण है कि आयकर विभाग ने बरेली मंडल के ठिकानों को विशेष निगरानी में रखते हुए छापे मारे। सूत्रों के अनुसार यहां मिले दस्तावेज पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
मोईन के बहराइच स्थित बंजारी मोड़ वाले घर, उसके चार अन्य स्थानीय ठिकानों, आगरा–मथुरा के ठिकानों और बरेली मंडल में मौजूद उसके करीबियों के ठिकानों पर दिनभर छापेमारी जारी रखी। जांच में यह खुलासा हुआ कि नगीन मोल्डिंग कंपनी (प्लास्टिक कारोबार) सिर्फ दिखावे के लिए चलाई जा रही थी। वहीं रियल एस्टेट की नगीन इंफ्रा हाइट्स और पिन क्रास समेत कई बोगस कंपनियां, करोड़ों की बेनामी जमीनें, आलीशान मकान, घर में मर्सिडीज कारें और महत्वपूर्ण दस्तावेजों का बड़ा जखीरा, अधिकारियों ने मोईन के कई साथियों और बिजनेस पार्टनर्स से देर रात तक पूछताछ की।
जांच में सामने आया कि पिछले 5–6 वर्षों में मोईन खान की संपत्ति अचानक कई गुना बढ़ी है। बहराइच में आलीशान बंगला, कई करोड़ की लग्जरी कारें, तेजी से बढ़ा रियल एस्टेट कारोबार, अचानक खड़ी की गई फर्जी फर्में। आयकर विभाग को संदेह है कि इन फर्मों का इस्तेमाल हवाला नेटवर्क से आई रकम को खपाने के लिए किया गया।
बरेली मंडल के पीलीभीत जिले की नेपाल सीमा पर वर्षों से अवैध तस्करी, नशीले पदार्थों और फर्जी दस्तावेज वाले लोगों की गतिविधियां रिपोर्ट हो चुकी हैं। यही वजह है कि मोईन के बरेली मंडल के ठिकाने, उसके सहयोगियों की जमीनें और नेपाल बॉर्डर की ओर स्थित प्रॉपर्टी सब जांच के दायरे में हैं। विभाग यह पता लगा रहा है कि क्या मोईन की कंपनियों का उपयोग सीमा पार लेन-देन या अवैध धन प्रवाह में किया गया।
छापेमारी के बाद रियल एस्टेट कारोबारियों की नींद उड़ गई है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यह केवल पहला चरण है। अब बरेली, पीलीभीत, मथुरा और आगरा में मोईन से जुड़े और ठिकानों पर कार्रवाई संभव है।
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Published on:
27 Nov 2025 11:50 am
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