
बरेली। आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलने वाले पुष्टाहार की तस्वीर अप्रैल से पूरी तरह बदलने जा रही है। अब तक मिलने वाले दलिया, रिफाइंड और चावल की जगह रेसिपी आधारित स्वादिष्ट और पोषक आहार दिया जाएगा, जिससे बच्चों और महिलाओं को बेहतर पोषण मिल सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत मीठे में आटा-बेसन का हलवा और बर्फी, जबकि नमकीन में मूंग दाल की खिचड़ी वितरित की जाएगी। विभाग का दावा है कि यह आहार स्वादिष्ट होने के साथ पोषण से भरपूर होगा, जिसे बच्चे आसानी से खा सकेंगे। अति कुपोषित बच्चों के लिए अलग से ऊर्जा युक्त पुष्टाहार की व्यवस्था की गई है। इसमें अलग-अलग आयु वर्ग के अनुसार उर्जा युक्त हलवा और दलिया दिया जाएगा, जिससे उनकी सेहत में तेजी से सुधार हो सके।
छह माह से एक वर्ष तक के बच्चों को आटा-बेसन हलवा, एक से तीन वर्ष तक के बच्चों को भी हलवा, जबकि तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को बर्फी और खिचड़ी दी जाएगी। गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए आटा-बेसन सोया बर्फी और मूंग दाल खिचड़ी निर्धारित की गई है। नई व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नैफेड की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाएगा। ओटीपी सत्यापन के बाद ही पुष्टाहार का वितरण किया जाएगा, जिससे गड़बड़ी पर रोक लगेगी।
जिले में नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी तेज कर दी गई है। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि पहले से लंबित पुष्टाहार का वितरण जल्द पूरा किया जाए और स्वयं सहायता समूहों का बकाया भुगतान भी निपटाया जाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अप्रैल से आंगनबाड़ी केंद्रों पर रेसिपी आधारित अनुपूरक पोषण आहार का वितरण शुरू हो जाएगा। इससे बच्चों और महिलाओं को बेहतर गुणवत्ता का पोषण मिल सकेगा।
Published on:
26 Mar 2026 09:41 pm
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