
बरेली। हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ा बदलाव लागू हो गया है। शुक्रवार से नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा पूरी तरह कैश फ्री कर दिए गए हैं। अब वाहन चालकों को सिर्फ फास्टैग या यूपीआई के जरिए ही भुगतान करना होगा। अगर किसी वाहन में फास्टैग में बैलेंस नहीं है और यूपीआई का विकल्प भी नहीं है, तो टोल पार करना नामुमकिन होगा, उन्हें सीधे वापस लौटना पड़ेगा।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highways Authority of India) ने 10 अप्रैल से देशभर के टोल प्लाजा पर कैश भुगतान पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसका सीधा असर बरेली से गुजरने वाले हाईवे ट्रैफिक पर भी पड़ा है। अब हर वाहन को डिजिटल मोड से ही टोल चुकाना होगा।
टोल प्रबंधन के अनुसार यदि फास्टैग में बैलेंस नहीं है, तो वाहन चालक यूपीआई स्कैन कर भुगतान कर सकते हैं। लेकिन अगर दोनों ही विकल्प उपलब्ध नहीं हैं, तो टोल बैरियर नहीं खुलेगा और वाहन को वापस लौटना पड़ेगा। यानी अब बिना तैयारी के हाईवे पर निकलना भारी पड़ सकता है।
टोल महंगा होने का असर अब परिवहन निगम के किराए पर भी दिखने लगा है, जहां बस किराए में 1 से 3 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी गई है।
बरेली-पीलीभीत मार्ग पर स्थित लभेड़ा टोल प्लाजा पर फिलहाल दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन यहां भी भुगतान के लिए डिजिटल सिस्टम ही लागू रहेगा। टोल प्रबंधन ने साफ किया है कि बिना डिजिटल पेमेंट के आगे बढ़ना संभव नहीं होगा।
परियोजना निदेशक ने स्पष्ट कहा है कि सभी टोल प्लाजा अब कैशलेस मोड में काम करेंगे। वाहन चालकों को पहले से फास्टैग रिचार्ज या यूपीआई तैयार रखना होगा, वरना यात्रा बीच में ही रुक सकती है।
Published on:
10 Apr 2026 10:37 am
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