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हे कान्हा, क्षमा करना…हम तुम्हारी गऊओं की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं, कहीं ठंड और भूख से दम तोड़ती रहीं तुम्हारी गायें, कहीं विधर्मी चलाते रहे आरी

हे कान्हा, हमें क्षमा करना, हम तुम्हारी ही धरती पर तुम्हारी गऊओं की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं। कहीं भूखे पेट, बीमारी, लापरवाही और ठंड से गायें दम तोड़ रहीं हैं तो कहीं विधर्मी उन पर आरी चला रहे हैं। हे कान्हा, यह भी सच है कि तुम्हारी गायों का चारा भी कुछ लोग हजम कर गए, और उसी लूट की कीमत गायों और बछड़ों को जान देकर चुकानी पड़ी।

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बरेली। हे कान्हा, हमें क्षमा करना, हम तुम्हारी ही धरती पर तुम्हारी गऊओं की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं। कहीं भूखे पेट, बीमारी, लापरवाही और ठंड से गायें दम तोड़ रहीं हैं तो कहीं विधर्मी उन पर आरी चला रहे हैं। हे कान्हा, यह भी सच है कि तुम्हारी गायों का चारा भी कुछ लोग हजम कर गए, और उसी लूट की कीमत गायों और बछड़ों को जान देकर चुकानी पड़ी।

आंवला क्षेत्र में अनुरुद्धपुर गांव की गोशाला में लापरवाही और अव्यवस्था के चलते दो दर्जन से अधिक गोवंशीय पशुओं की मौत हो गई। जांच में सामने आया कि गोशाला में चारा, चोकर और भूसे की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। साफ-सफाई बदहाल थी और कई गोवंश बीमार हालत में पड़े मिले। हिन्दू संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद मामला गरमाया। इसके सामने आने के बाद प्रशासन भी हरकत में आया। एडीएम पूर्णिमा सिंह और एसडीएम विदुषी सिंह ने बुधवार को गोशाला का निरीक्षण किया। गंदगी, चारे की भारी कमी और देखरेख में गंभीर चूक की पुष्टि हुई। इसके बाद गोशाला के लिये जिम्मेदार ग्राम सचिव और पशु चिकित्सक को निलंबित कर दिया गया, केयर टेकर को हटाया गया और ग्राम प्रधान व गोशाला की देखरेख से जुड़े जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

चारा हजम कर गये जिम्मेदार, कीमत चुका रहे गाय और बछड़े

गोशाला में मृत गोवंशों का निस्तारण कराया गया, जबकि शेष बीमार पशुओं के उपचार और गर्मी-चारे की तत्काल व्यवस्था के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दैनिक आपूर्ति, किचन संचालन और निगरानी में लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी। गौवंशीय पशुओं की मौत की इस घटना ने जिले की सभी गोशालाओं की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने जिलेभर की गोशालाओं में व्यवस्था सुधारने और नियमित जांच के निर्देश दिए हैं। गौवंशीय पशुओं के लिये आने वाला चारा और भूसा भी जिम्मेदार खा गये हैं।

एसडीएम ने कहा कि ऐसी लापरवाही पाप है, सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी

सूचना मिलने पर एसडीएम विदुषी सिंह ने मौके पर पहुंचकर गोशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने मृत गोवंशों के निस्तारण और शेष बीमार पशुओं के उपचार के तत्काल निर्देश दिए गए। गोशाला प्रबंधन द्वारा समय पर आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं की गईं, जिसके परिणामस्वरूप ठंड और भूख से पशुओं की मौत हुई। इस पर संबंधित अभिलेख जब्त कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। एसडीएम ने कहा के बेजुबान जानवरों की देखभाल जिन लोगों को करनी चाहिये थी। उन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन ठीक तरीके से नहीं किया। इसके लिये जो भी जिम्मेदार हैं। उन सभी के खिलाफ मैं कठोर एक्शन लूंगी।