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शत्रु संपत्ति की खुली लूट, फाइलों में दुश्मन, जमीन पर अस्पताल, अधिकारियों की कलम से खेल, ईंट-सीमेंट से कर डाला सौदा

शहर के शाहदाना इलाके में शत्रु संपत्ति पर हुए सबसे बड़े खेल का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। अभिलेखों में शत्रु संपत्ति का नाम खारिज कर एक व्यक्ति को मालिकाना हक दे दिया गया, फिर वही जमीन कई बार बेची गई और अब उस पर अस्पताल खड़ा कर दिया गया।

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बरेली। शहर के शाहदाना इलाके में शत्रु संपत्ति पर हुए सबसे बड़े खेल का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। अभिलेखों में शत्रु संपत्ति का नाम खारिज कर एक व्यक्ति को मालिकाना हक दे दिया गया, फिर वही जमीन कई बार बेची गई और अब उस पर अस्पताल खड़ा कर दिया गया। हैरानी की बात यह कि आज भी अस्पताल के दूसरे तल पर निर्माण जारी है। तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने इस पूरे फर्जीवाड़े की आधिकारिक पुष्टि कर दी है।

पाकिस्तान निवासी के नाम दर्ज जमीन, अफसर रहे बेखबर

जांच में सामने आया कि खतौनी फसली वर्ष 1425-30 में यह जमीन पाकिस्तान निवासी मोहम्मद उल्ला खां के छह बेटों के नाम दर्ज थी। इसके बाद 16 अप्रैल 1984 और 17 अप्रैल 1987 को इंचार्ज शत्रु संपत्ति ने नाम खारिज कर इसे विधिवत शत्रु संपत्ति घोषित किया। लेकिन वर्ष 2000 में तत्कालीन एडीएम के स्तर से शत्रु संपत्ति का नाम हटाकर अतहर हुसैन के नाम दर्ज करने का आदेश निकल गया। हैरत यह कि यह आदेश 24 साल बाद, 28 मई 2025 को मंडलायुक्त ने निरस्त किया। अब फिर से राजस्व अभिलेखों में जमीन शत्रु संपत्ति दर्ज हो चुकी है।

जमीन बिकती रही, अस्पताल बन गया

कमेटी और तहसीलदार सदर की रिपोर्ट के मुताबिक, शाहदाना हॉस्पिटल गाटा संख्या 224 व 226 की कुल 0.0195 हेक्टेयर (194.81 वर्गमीटर) शत्रु संपत्ति पर बना है। अस्पताल संचालक ने जांच टीम को दो बैनामे दिखाए—एक हसरत अली और दूसरा उनकी पत्नी अकीला के नाम। बैनामों में जमीन अशरफ खां तथा उनके पुत्र अजमल व अरमान से खरीदी दिखाई गई है।

जवाब मांगते हैं सबसे बड़े सवाल

जब जमीन शत्रु संपत्ति थी, तो तत्कालीन एडीएम ने किस आधार पर अतहर हुसैन का नाम दर्ज किया?
जब खतौनी में अशरफ खां और उनके बेटों के नाम दर्ज ही नहीं, तो उन्होंने जमीन बेची कैसे?
शत्रु संपत्ति पर निर्माण होते समय प्रशासन और राजस्व अमला कहां था?

शिकायत से जांच तक—पर कार्रवाई शून्य

हजियापुर निवासी शोएब मलिक ने जुलाई 2025 में मामले की शिकायत की थी। डीएम के आदेश पर तीन सदस्यीय कमेटी बनी। जांच और तहसीलदार सदर की रिपोर्ट ने साफ कहा कि अस्पताल शत्रु संपत्ति पर बना है। इसके बावजूद अभी तक मैदान में कार्रवाई शून्य है।

अधिकारियों के बयान

शाहदाना हॉस्पिटल शत्रु संपत्ति पर बना है। इसकी पुष्टि हो चुकी है। रिपोर्ट प्रभारी अधिकारी को भेज दी गई है।

विजय सिंह, एसीएम-द्वितीय/जांच अधिकारी

जांच रिपोर्ट देखी जाएगी। यदि अस्पताल शत्रु संपत्ति पर बना है तो नोटिस जारी होगा। शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय लखनऊ को सूचना देकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सौरभ दुबे, एडीएम सिटी/प्रभारी अधिकारी शत्रु संपत्ति


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