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घर बैठकर नहीं चलेगा पंचायत राज, सचिवों पर शासन की डिजिटल नजर, अब पंचायतघरों में लगेगी बायोमेट्रिक हाजिरी

अब ब्लॉक मुख्यालय या घर बैठकर ग्राम पंचायतों का कामकाज निपटाने वाले सचिवों के दिन लदने वाले हैं। शासन ने पंचायतों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है।
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बरेली। अब ब्लॉक मुख्यालय या घर बैठकर ग्राम पंचायतों का कामकाज निपटाने वाले सचिवों के दिन लदने वाले हैं। शासन ने पंचायतों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब ग्राम पंचायत सचिवों और ग्राम विकास अधिकारियों की उपस्थिति ऑनलाइन बायोमीट्रिक सिस्टम से दर्ज की जाएगी। नई व्यवस्था अगले सप्ताह से लागू होने जा रही है।

पंचायतों में जवाबदेही तय करने की तैयारी

ग्रामीणों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद शासन ने यह फैसला लिया है। अक्सर शिकायतें आती थीं कि ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम विकास अधिकारी गांवों में मौजूद नहीं रहते, और अपना डोंगल किसी अन्य व्यक्ति को देकर पंचायत भवन से भुगतान करा देते हैं। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में गड़बड़ी और पारदर्शिता की कमी सामने आती रही है।

जिले में 1188 ग्राम पंचायतें, 294 क्लस्टर बनाए गए

बरेली जिले में 1188 ग्राम पंचायतें हैं, जबकि सिर्फ 88 ग्राम पंचायत सचिव और 115 ग्राम विकास अधिकारी तैनात हैं। सचिवों की कमी को देखते हुए 15 ब्लॉकों में कुल 294 क्लस्टर बनाए गए हैं, जिनमें सचिवों और ग्राम विकास अधिकारियों की क्लस्टरवार तैनाती की गई है।
कई सचिवों के पास तीन से चार क्लस्टरों की जिम्मेदारी है, जिससे वे सभी गांवों में एक साथ उपस्थित नहीं हो पाते।

अब उंगलियों से दर्ज होगी उपस्थिति

डीपीआरओ कमल किशोर ने बताया कि शासन के निर्देश पर ऑनलाइन बायोमीट्रिक हाजिरी प्रणाली लागू की जा रही है।
उन्होंने बताया नई व्यवस्था अगले सप्ताह से लागू हो जाएगी। अब सचिवों और ग्राम विकास अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र में ही उपस्थित रहना होगा। हाजिरी उनके मोबाइल और बायोमीट्रिक सिस्टम से रियल टाइम में दर्ज होगी।