
फर्जी तरीके से हासिल किया अमनदीप ने डीजल का लाइसेंस 139
बरेली। इंस्पेक्टर कैंट बलवीर सिंह ने बताया कि शाहदाना कॉलोनी मॉडल टाउन के रहने वाले रमनदीप सिंह पुत्र गुरुचरण सिंह ने महानगर में मैसर्स लीफ फिलिंग स्टेशन पेट्रोल पंप का लाइसेंस भूमि गाटा संख्या 511 के नाम पर लिया था। लेकिन पेट्रोल पंप को 511 में स्थापित ना कर गाटा संख्या 520/691 में स्थापित किया गया। उन्होंने फर्जी तरीके से अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र कर फर्जी कागजात तैयार कराए। इंस्पेक्टर बलबीर सिंह की ओर से थाना कैंट में रमनदीप के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने दस्तावेजों का इस्तेमाल करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
2013 में महानगर की प्रॉपर्टी की गई थी ट्रांसफर
भू माफिया रमनदीप के खिलाफ गैंगस्टर के मुकदमे की विवेचना इंस्पेक्टर कैंट बलबीर सिंह कर रहे हैं। जांच में सामने आया कि उन्होंने जी एस फ्यूल एलायंस बिल्डर एवं कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड की जमीन 1900 वर्ग मीटर है। इसमें 284 वर्ग मीटर पर बैंक और लीफ पेट्रोल पंप की बिल्डिंग है। एलायंस बिल्डर एंड कंस्ट्रक्शंस लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर अरविंदर सिंह, ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर रमनदीप सिंह ब्रांच मैनेजर बैंक ऑफ इंडिया पीलीभीत बाईपास ने 28 फरवरी 2013 को अर्बन डेवलपर्स से परिवर्तित कर जीएस फ्यूल के नाम कर दिया था। प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री गोविंद सिंह आहूजा ने रमनदीप की माता महेंद्र कौर के नाम की थी।
तहसीलदार डीएसओ की रिपोर्ट में हुआ फर्जीवाड़े खुलासा
तहसीलदार ने भूमाफिया रमनदीप सिंह के संबंध में अपनी रिपोर्ट कहा कि पेट्रोल पंप गाटा संख्या 520/691 में दर्ज है। जबकि राजस्व विभाग से गाटा संख्या 511 पर पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा गया था । डीएसओ ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि गाटा संख्या 511 पर पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए एनओसी मांगी गई थी। 25 सितंबर 2004 को एनओसी दी गई थी लेकिन उस एनओसी का प्रयोग मैसर्स लीफ फिलिंग स्टेशन पेट्रोल पंप धौरेरामाफी नाम से डीजल लाइसेंस प्राप्त करने में किया गया। अभियुक्त रमनदीप सिंह ने अवैध रूप से संपत्तियों को जुटाया। लीफ फिलिंग स्टेशन पेट्रोल पंप महानगर कॉलोनी का लाइसेंस फर्जी दस्तावेजों और प्रशासन को गुमराह किया गया।
बीडीए से पास नहीं, पेट्रोल पंप बैंक होटल का नक्शा
पुलिस की जांच में सामने आया कि बरेली विकास प्राधिकरण ने 17 अप्रैल 2023 को अपने पत्र में कहा कि गाटा संख्या 520/691 में स्थापित पेट्रोल पंप के मानचित्र को लेकर 27 जुलाई 2004 को रमनदीप सिंह ने स्वीकृति हेतु आवेदन किया था। लेकिन पेट्रोल पंप का मानचित्र स्वीकृत नहीं किया गया। इसके बावजूद वहां पेट्रोल पंप, बैंक और होटल का संचालन किया जा रहा था।
Published on:
18 May 2023 11:44 am
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