
बरेली। काले हिरन के शिकार के मामले में सलमान खान को भले ही सजा सुनाई गई हो। लेकिन, बरेली में हिरन का शिकार करने वाले अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं। हिरन का शिकार होने पर वन विभाग ने मुकदमे तो दर्ज करा दिए। लेकिन केस की पैरवी नहीं की। सलमान खान को सजा सुनाए जाने के बाद पीएफए में विश्वास जागा है और पीएफए अब पुराने मामलों में आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पुराने मुकदमे की फाइल खुलवाने की पैरवी करेगा।
नहीं होती कार्रवाई
बरेली में कई बार काले हिरन और बारह सिंघा का शिकार हो चुका है लेकिन इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद आगे कोई कार्रवाई नही की जिससे यहां पर शिकारियों के हौसले बुलंद है।
ये हुए अब तक मामले
2013 में सिरौली के जंगलों में शिकारियों ने जंगली कुत्तों से दो हिरनों का शिकार कराया था। लेकिन पुलिस ने इस मामले में सिर्फ मुकदमा दर्ज किया और कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते काले हिरन का शिकार करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। 2015 में मीरगंज इलाके में बारहसिंघा को मारकर उसके सिंग काट लिए गए थे। इस मामले में भी मुकदमा दर्ज हुआ। लेकिन पुलिस और वन विभाग की टीम ने कोई पैरवी नहीं की और शिकारी पकड़े नहीं जा सके। 2016 में सीबीगंज इलाके में एक काले हिरन का शव बरामद हुआ था। शिकारी हिरन का मांस निकाल ले गए थे। पुलिस ने इस मामले में भी मुकदमा दर्ज किया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। 2016 में ही इज्जतनगर के एक भट्ठा मालिक के बेटे ने साथियों के साथ काले हिरन का शिकार किया था। इस मामले में वन विभाग ने केस दर्ज कराया था। लेकिन आरोपी अभी तक नहीं पकड़े गए।
पीएफए करेगा पैरवी
मेनका गांधी के संगठन पीपुल फॉर एनीमल यानि पीएफए के जिलाध्यक्ष धीरेंद्र उर्फ धीरू यादव ने बताया कि इज्जतनगर में एक हिरन को मारने का मामला सामने आया था। लेकिन, उस मामले में मुकदमा दर्ज करने के बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पीएफए की टीम इज्जतनगर पुलिस से फिर शिकायत करने जा रही है। इसी तरह से जहां पर भी शिकार हुए है वहां पर दोबारा शिकायत कर कार्रवाई कराई जाएगी।
Updated on:
06 Apr 2018 05:28 pm
Published on:
06 Apr 2018 05:28 pm
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