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पीलीभीत फर्जी एनकाउंटर केस:  एसपी, डीआईजी, आईजी पर भी हो कार्रवाई

पीलीभीत फर्जी एनकाउंटर केस   के मुख्य गवाह हरजिंदर सिंह कहलो ने सीबीआई की कार्रवाई को नाकाफी बताया है। उनका कहना है कि तत्कालीन पुलिस अधीक्षक, डीआईजी और आईजी को बचाने की कोशिश की गई है।

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Bhanu Pratap Singh

Apr 04, 2016

harjinder singh kahlo

harjinder singh kahlo

पीलीभीत। 1991 में रिछौला के पास ग्यारह सिख तीर्थ यात्रियों की बस से उतारकर आतंकवादी कहकर हत्या करने के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने 47 पुलिस वालों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस मुकदमे के मुख्य गवाह हरजिंदर सिंह कहलो ने सीबीआई की कार्रवाई को नाकाफी बताया है। उनका कहना है कि तत्कालीन पुलिस अधीक्षक, डीआईजी और आईजी को बचाने की कोशिश की गई है। इस संबंध में अग्रिम कार्रवाई के लिए सुप्रीमकोर्ट के अधिवक्ताओं से परामर्श किया जा रहा है।
कप्तान की मर्जी के बगैर कुछ नहीं होता
कहलों ने पत्रकारों को बताया कि 25साल बाद इस मुकदमे में पुलिसकर्मियों को तो दोषी ठहरा दिया गया, लेकिन तत्कालीन एसपी आरडी त्रिपाठी, डीआईजी और आईजी को निर्दोष करार दिया गया है, जो उचित नहीं है। उनका कहना है कि जिले में पुलिस कप्तान की मर्जी के बगैर कोई भी अधीनस्थ अधिकारी या कर्मचारी इतनी जुर्रत नहीं कर सकता। एसपी, आईजी, डीआईजी से आदेश मिलने के बाद ही 11 निर्दोषों का फर्जी एनकाउंटर संभव हुआ होगा। सीबीआई कोर्ट ने आदेश में चूक की है।

कोर्ट की शरण में जाएंगे
उन्होंने कहा कि संबधित अफसरोंके नाम भी शामिल कराने के लिए सर्वोच्च न्यायालय की शरण में जाएंगे। दिल्ली में आम आदमी पार्टी के विधायक सरदार जरनैल सिंह के साथ मिलकर हर हालत में कानूनी लड़ाई को आगे जारी रखा जाएगा। अफसरों को भी आरोपियों की सूची में शामिल कराया जाएगा।

दो मौतों की सीबीआई जांच हो
उन्होंने पूरनपुर थाने के अंदर पुलिस कस्टडी में दो की मौतों पर कहा कि इसके लिए अधिवक्ताओं से परामर्श किया जा रहा है। कोर्टके माध्यम से प्रकरण की सीबीआई जांच की सिफारिश कराई जाएगी।

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