
जिला सहकारी बैंक (फाेटो सोर्स: पत्रिका)
बरेली। किसानों को दी जाने वाली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बरेली के फरीदपुर स्थित जिला सहकारी बैंक शाखा में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। कुल 1.31 करोड़ रुपये की सरकारी सहायता राशि को बैंक के चार कर्मचारियों ने मिलकर हड़प लिया।
घोटाले का खुलासा सहकारी बैंक के जीएम की जांच में हुआ, जिसके बाद फरीदपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर चारों आरोपियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले में विभागीय कार्रवाई के तहत अब बर्खास्तगी और रिकवरी की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
घोटाले की शुरुआत शाहजहांपुर निवासी किसान अशोक यादव की शिकायत से हुई। अशोक ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्तें उसके खाते में नहीं आ रही हैं, जबकि पोर्टल पर भुगतान दिख रहा है।
किसान ने यह जानकारी बैंक के महाप्रबंधक (GM) को दी, जिसके बाद 16 मई 2025 को सहकारी बैंक के डिप्टी जीएम ने फरीदपुर शाखा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में जो खुलासे हुए, वे हैरान करने वाले थे।
जांच में यह सामने आया कि किसानों की पीएम किसान निधि की रकम को 21 फर्जी खातों में ट्रांसफर कर, वहां से नकद निकासी की जा रही थी। इन खातों का असली किसानों से कोई संबंध नहीं था।
प्राथमिक जांच में 1,31,06,069.67 रुपये के गबन की पुष्टि हुई। इसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए बैंक प्रशासन ने 23 मई को तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की।
जांच में इन बैंककर्मियों को गबन का दोषी पाया गया
गौरव वर्मा – शाखा प्रबंधक
मुकेश कुमार गंगवार – पूर्व शाखा प्रबंधक
चंद्र प्रकाश – कैशियर
दीपक पांडे – बैंक कर्मचारी
बैंक के जीएम की ओर से फरीदपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। मुकदमे में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, कूट रचना और पद के दुरुपयोग जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
अब चारों आरोपियों के जेल जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गबन करने वालों ने बैंक के कंप्यूटर सिस्टम से जानबूझकर छेड़छाड़ की।
असली खातों की जगह नकली खातों में राशि ट्रांसफर की गई
कई बार किसानों के खातों का IFSC कोड और अकाउंट नंबर बदल दिए गए
इसका उद्देश्य था कि राशि गलत खाते में जाए और किसानों को शक भी न हो
फरीदपुर घोटाले के बाद बरेली जिले की सभी सहकारी बैंक शाखाओं में खातों की स्क्रूटनी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों को आशंका है कि इसी तरह के फर्जीवाड़े अन्य शाखाओं में भी हो सकते हैं।
अब यह घोटाला सिर्फ एक शाखा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह जिलेव्यापी जांच का आधार बन चुका है।
Published on:
08 Jul 2025 07:44 pm
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