
बरेली। गोकशी के मामले में अदालत से वारंट जारी होने के बाद फरार चल रहे आरोपी नसीम को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर परिवार और ग्रामीणों ने अचानक हमला कर दिया। दरोगा और सिपाहियों को लाठी-डंडों से घेरकर दौड़ाया गया और हिरासत में लिए गए नसीम को छुड़ाकर भगा दिया गया।
इस घटना के बाद पुलिस ने महिलाओं समेत 11 लोगों पर हमला, सरकारी कार्य में बाधा और धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया है।
वारंट लेकर पहुंची थी पुलिस, घर घिरते ही शुरू हुआ हंगामा
सीबीगंज थाना क्षेत्र के गांव खतौला निवासी नसीम पर गोकशी का केस दर्ज है। अदालत ने उसकी गिरफ्तारी के वारंट जारी किए थे। बुधवार दोपहर दरोगा शिवम तोमर, दरोगा मोहित शर्मा और कांस्टेबल निशांत व विनीत वारंट की तामील के लिए नसीम के घर पहुंचे। टीम ने नसीम को पकड़ लिया, लेकिन उसने खुद को छुड़ाने के लिए धक्का-मुक्की शुरू कर दी।
नसीम के शोर मचाते ही उसका भाई हनीफ, पत्नी हुस्नआरा, भाभी हनीषा, नथिया, रिहाना, शयाना और अन्य महिलाएं घर से लाठी-डंडे लेकर बाहर आ गईं और पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। गालीगलौज करते हुए दरोगा और सिपाहियों को दौड़ाया गया, इस दौरान पुलिस को पीछे हटना पड़ा और आरोपी को ग्रामीण छुड़ाकर ले भागे।
पुलिस ने केस दर्ज किया, टीमें गांव में दबिश दे रही हैं
दरोगा शिवम तोमर की तहरीर पर सीबीगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
आरोपी —
नसीम (मुख्य तस्कर)
हनीफ (भाई)
हुस्नआरा (पत्नी)
हनीषा, नथिया, रिहाना, शयाना (महिला आरोपी)
इंस्पेक्टर सीबीगंज सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि "सरकारी टीम पर हमला गंभीर अपराध है, छापेमारी टीमें गठित की गई हैं और सभी आरोपियों की तलाश जारी है।"
Updated on:
16 Oct 2025, 10:30 AM IST
Published on:
16 Oct 2025, 10:30 AM IST
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