
एसएसपी अनुराग आर्य
बरेली। पुरनापुर गांव में बढ़ते विवाद को नजरअंदाज करना बिथरी चैनपुर पुलिस को महंगा पड़ गया। मामूली मारपीट से शुरू हुआ मामला फायरिंग तक पहुंचा और एक महिला गोली लगने से घायल हो गई। घटना के बाद एसएसपी ने सख्त रुख अपनाते हुए दरोगा और सिपाही को तुरंत सस्पेंड कर दिया।
गांव पुरनापुर में 4 अप्रैल को दो पक्ष आमने-सामने आ गए। गाली-गलौज और मारपीट के बाद दोनों तरफ से मुकदमे दर्ज हुए, लेकिन विवाद की असली वजह एक युवती को भगा ले जाने का पुराना मामला निकला। यही रंजिश धीरे-धीरे सुलगती रही और आखिरकार हिंसा में बदल गई। जांच में सामने आया कि हल्का प्रभारी दरोगा अमरेश कुमार ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। बीट सिपाही आकाश ने भी हालात की गंभीरता अधिकारियों तक नहीं पहुंचाई। नतीजा यह रहा कि गांव में तनाव लगातार बढ़ता गया और पुलिस सिर्फ मूकदर्शक बनी रही।
5 अप्रैल को हालात बिगड़ गए और दोनों पक्षों में फिर टकराव हुआ। इस बार मामला सीधे फायरिंग तक पहुंच गया। गोली लगने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने पुलिस की लापरवाही की पूरी पोल खोल दी। घटना के बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने बिना देर किए दरोगा अमरेश कुमार और बीट सिपाही आकाश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
Published on:
06 Apr 2026 09:09 pm
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