
बरेली। क्रिसमस के मौके पर बरेली का माहौल अचानक गर्मा गया। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने हिंदू धर्म को बदनाम करने के आरोप में पहले कैंट स्थित सेंट अल्फोंसस कैथेड्रल चर्च और फिर कोतवाली के सामने जोरदार प्रदर्शन कर शहर की फिजा में तीखापन घोल दिया। कोतवाली के सामने धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
गुरुवार को कोतवाली के सामने बजरंग दल के कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए। जय श्रीराम, हर हर महादेव, ॐ नमः शिवाय और ईसाई मशीनरी मुर्दाबाद जैसे नारों से इलाका गूंज उठा। इससे पहले बुधवार को कार्यकर्ताओं ने कैंट थाना क्षेत्र स्थित सेंट अल्फोंसस कैथेड्रल चर्च के मुख्य गेट पर धरना दिया था। चर्च के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और धार्मिक नारे लगाए गए।
बजरंग दल का कहना है कि चर्च पर प्रदर्शन के दौरान सीओ सिटी आशुतोष शिवम ने चर्च प्रशासन पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में न सिर्फ कोई कार्रवाई नहीं हुई बल्कि सीओ ने बजरंग दल पर ही आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। इसी से आक्रोश भड़क उठा और कार्यकर्ता कोतवाली के सामने धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि 23 दिसंबर को सेंट अल्फोंसस कैथेड्रल चर्च में आयोजित क्रिसमस महोत्सव के दौरान विभिन्न स्कूलों के सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। इन कार्यक्रमों में ऑडियो-वीडियो नाटिकाओं के जरिए धर्मांतरण, हिंदू मंदिर और हिंदू समाज को गलत, आपत्तिजनक और नकारात्मक तरीके से दिखाया गया। बजरंग दल के मुताबिक एक नाटिका में धर्मांतरण को इस अंदाज में पेश किया गया, मानो हिंदू धर्म ही सारी समस्याओं की जड़ हो। वहीं नारी अत्याचारों पर आधारित एक अन्य प्रस्तुति में ऑडियो के माध्यम से रेप जैसे जघन्य अपराधों को मंदिर और हिंदू समाज से जोड़कर दिखाया गया।
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पूरे कार्यक्रम का तानाबाना इस तरह बुना गया, जिससे लगे कि नारी अपमान और अत्याचार केवल हिंदू समाज में ही होते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि महिलाओं पर अत्याचार किसी एक धर्म या समाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह एक वैश्विक सामाजिक समस्या है। बजरंग दल का कहना है कि कार्यक्रम में शामिल लगभग 90 प्रतिशत बच्चे और अभिभावक हिंदू परिवारों से थे। इसके बावजूद एक ईसाई संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सिर्फ हिंदू समाज को निशाना बनाना बहुसंख्यक समाज का खुला अपमान है। इससे हिंदू बच्चों और अभिभावकों की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मौके पर बच्चे और अभिभावक खुलकर विरोध नहीं कर सके, लेकिन भीतर ही भीतर उनकी आस्था को चोट पहुंचाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा कि आयोजकों को इस पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही भविष्य में इस तरह के कार्यक्रमों पर पूरी तरह रोक लगाई जाए, ताकि किसी भी धर्म की भावनाओं के साथ खिलवाड़ न हो। धरने के बाद बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने सीओ सिटी आशुतोष शिवम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को जांच का भरोसा दिलाया है। हालांकि बजरंग दल ने साफ चेतावनी दी है कि अगर मामले में लीपापोती हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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Updated on:
25 Dec 2025 05:36 pm
Published on:
25 Dec 2025 05:35 pm
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