
nagar nigam bareilly
बरेली। बरसात का मौसम शुरू हो चुका है, ऐसे में पानी से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बावजूद इसके नगर निगम शहर के लोगों को दूषित पानी पिला रहा है। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। जून के अंतिम सप्ताह में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर में कई स्थानों से पानी के नमूने लिए और उनकी जांच कराई तो 70 प्रतिशत सैम्पल फेल हो गए।
कहीं पानी में क्लोरीन नहीं पाई गई तो कहीं पर बहुत कम मात्रा क्लोरीन मिली। चार साल पहले नगर निगम ने सभी नलकूपों पर डोजर लगवाए थे ताकि निर्धारित मात्रा में पानी में लिक्विड क्लोरीन मिलती रहे, लेकिन अफसरों की अनदेखी के चलते पम्प ऑपरेटर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। घरों में सप्लाई होने वाले पानी में क्लोरीन नहीं मिलाई जा रही है और नलकूप और ओवरहेड टैंक के जरिए बगैर क्लोरीनेशन किये ही पानी की सप्लाई की जा रही है।
यहां फेल हुए नमूने
किला सब्जी मंडी, अलखनाथ मन्दिर, बिहारीपुर ढाल, जिला पंचायत के सामने इंदिरा मार्केट, मलूकपुर चौक, बिहारीपुर खत्रियान, रोहली टोला, पम्प हाउस जोनल ऑफिस निगम कॉलोनी,माधोबाड़ी में पांच घर, सिकलापुर पंचमुखी हनुमान मन्दिर के पास, खिरनी मस्जिद, सराय डलाव, जिला परिषद, खन्नू मोहल्ला, छोटी बमनपुरी, इंग्लिशगंज, वेस्ट एंड कॉलोनी रामपुर रोड, केलाबाग और साहूकारा आदि मोहल्लों में लिए गए पानी के नमूने जांच में फेल हो गए।
अफसरों को भी पिला रहे दूषित पानी
सिविल लाइंस स्थित जोनल ऑफिस के पंप से रामपुर गार्डन और सिविल लाइंस के बड़े इलाके में पानी की सप्लाई की जाती है।जांच के दौरान यहां के पानी मे भी क्लोरीन नही पाई गई है जबकि यहां से कमिश्नरी, सिंचाई विभाग, बिजली विभाग समेत तमाम ऑफिस में पानी की सप्लाई की जाती है।
जांच पर सवाल
वहीं जलकल विभाग के प्रभारी अभियंता पीसी आर्या ने लिए गए सैम्पल ही सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पानी मे क्लोरीन सुबह मिलाई जाती है जबकि नमूने दोपहर में लिए गए हैं। इस दौरान क्लोरीन ख़त्म हो जाती है।
Published on:
05 Jul 2018 03:10 pm
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