
बरेली। शहर के जोगीनवादा में पिछले 52 वर्षों से लगातार लगने वाले रामलीला मेले पर इस साल प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह मेला उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति पप्पू गिरधारी के नेतृत्व में आयोजित होता था, और हर साल रेखा आर्या इस मेले का उद्घाटन करती थीं। मेले में राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती का भी कार्यक्रम आयोजित किया जाता था, जो स्थानीय लोगों के बीच खासा लोकप्रिय था।
मेला स्थल पर बाउंड्रीवाल का निर्माण, लग गये पेड़
हालांकि, इस बार नगर निगम ने मेला स्थल पर बाउंड्रीवाल बनवाकर वहां पेड़ लगवा दिए, जिससे इस ऐतिहासिक मेले पर प्रतिबंध लग गया है। नगर निगम के इस फैसले से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है, और उन्होंने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बारादरी थाना क्षेत्र के जोगीनवादा में चल रहे इस विवाद से माहौल गर्म है, और लोग नगर निगम के खिलाफ धरने पर बैठे हैं। नगर निगम द्वारा मेले पर प्रतिबंध लगाना स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर पर चोट के रूप में देखा जा रहा है, जिससे लोगों का गुस्सा उभर आया है। नगर निगम के फैसले के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया और नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि यह मेला उनकी परंपरा का हिस्सा है और इसे बंद नहीं किया जा सकता।
मेला नहीं लगा तो नहीं करेंगे रामलीला
श्री रामलीला समिति जोगी नवादा के अध्यक्ष सुरेंद्र चंद्र राठौर ने बताया कि यहां लगने वाला मेला 1972 से पंजीकृत है और इसकी अनुमति प्रशासन की तरफ से भी है। समिति के संरक्षक हरिओम राठौर ने मांग करते हुए कहा प्रशासन हमें मेले की जगह दे। अगर मेला नहीं लगेगा तो वह रामलीला भी नहीं करेंगे। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि कुछ लोगों की शिकायत मिली है, मौके पर जांच के लिए अपर नगर आयुक्त सुनील कुमार यादव को भेजा गया है। उनसे उपयुक्त भूमि देखकर व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया गया है। नगर निगम ने जोगी नवादा के दशहरा मैदान के चारों ओर बैरीकेडिंग कर पौधे लगा दिए हैं।
Published on:
25 Sept 2024 06:42 pm
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