
बरेली। संपत्तियों से गृहकर वसूली मामले में बरेली नगर निगम के टैक्स विभाग की हकीकत सामने आ गई। जुबानी दावे समीक्षा बैठक में सामने आ गई। सोमवार को प्रमुख सचिव ने प्रदेश भर के नगर निगमों के साथ संपत्तियों से गृहकर वसूली को लेकर समीक्षा बैठक की। बरेली नगर निगम ने अप्रैल से अक्टूबर तक केवल 30 प्रतिशत की संपत्तियों से गृहकर की वसूली कर पाया है। प्रदेश के 17 नगर निगमों में बरेली नगर निगम की रैंक 16वें स्थान पर है। डांट फटकार लगाई गई है। चीफ टैक्स अधिकारी प्रदीप मिश्रा समेत उनकी टीम के अधिकारियों को लखनऊ तलब किया है।
सोमवार को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए प्रमुख सचिव ने टैक्स विभाग की प्रगति जानी। समीक्षा बैठक में नगर निगम के दावे एकदम धड़ाम हो गए। प्रमुख सचिव के सवालों के जवाब टैक्स विभाग के अधिकारी नहीं दे सके। अधिकारियों को फटकार लगाई और निर्देश दिए कि रिकवरी शतप्रतिशत नहीं हुई तो एक्शन लिया जाएगा। वहीं नगरायुक्त संजीव कुमार मौर्य का कहना है कि समीक्षा बैठक हुई है। टैक्स विभाग के अधिकारियों को सख्ती के साथ लक्ष्य को शतप्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
नगर निगम ने पहली बार कुर्की की कार्रवाई करते हुए टैक्स रिकवरी बढ़ाने के दावे किए थे। जबकि सच्चाई कुछ ओर है। संपत्तियों से गृहकर वसूली में नगर निगम दूसरे नगर निगमों से फिसड्डी रहा है। संपत्तियों से 35 प्रतिशत गृहकर की वसूली में 14 नंबर पर जबकि 30 प्रतिशत वसूली में 16वें स्थान पर रहा है। अप्रैल से अक्टूबर तक नगर निगम के टैक्स विभाग ने केवल 12 प्रतिशत ही संपत्तियों से गृहकर की वसूली की है।
Published on:
02 Dec 2024 09:59 pm
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