
बरेली। राजेंद्रनगर के कैफे में छात्रों से मारपीट, स्पा सेंटर संचालिका से रंगदारी मांगने का ऑडियो और खुद को शहर का आतंक बताने वाला ऋषभ ठाकुर जिला बदर किए जाने के बावजूद शहर में मंडरा रहा था। अब बारादरी पुलिस ने उसकी दबंगई आखिरकार तोड़ दी। बीडीए की नवनिर्मित कॉलोनी से उसे दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया गया।
28 दिसंबर को राजेंद्रनगर के एक कैफे में छात्रों के साथ मारपीट की घटना ने उसे सुर्खियों में ला दिया था। इसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए उसे छह महीने के लिए जिला बदर कर दिया। 4 फरवरी 2026 को उसे बरेली से बदायूं की सीमा में छोड़ा गया था। लेकिन जिला बदर का आदेश भी उसकी दबंगई पर लगाम नहीं लगा सका। शहर में लौटकर वह अपने गुर्गों के जरिए कथित तौर पर रंगदारी का खेल खेलता रहा।
पीलीभीत रोड स्थित कासा गोल्डन स्पा सेंटर का वीडियो वायरल हुआ। देह व्यापार के आरोपों के साथ बवाल मचा। इसके बाद एक ऑडियो सामने आया, जिसमें स्पा सेंटर संचालकों से 40 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। ऑडियो में खुद ऋषभ ठाकुर की आवाज बताई गई, जिसमें वह कह रहा था बरेली में मेरा आतंक है। स्पा सेंटर खोलने से पहले डील करने की बात तक सुनी गई। इस मामले में रिसेप्शनिस्ट मुस्कान की तहरीर पर मुकदमा भी दर्ज हुआ।
आरोप है कि ऋषभ अपने साथियों से स्पा सेंटरों की वीडियो बनवाता और फिर संचालकों को ब्लैकमेल कर रकम मांगता था। वायरल वीडियो और ऑडियो ने पूरे शहर में चर्चा तेज कर दी थी। सवाल उठ रहा था कि जिला बदर घोषित युवक आखिर कैसे बेखौफ घूम रहा है। सोमवार शाम पुलिस को सूचना मिली कि ऋषभ ठाकुर बीडीए की नवनिर्मित कॉलोनी में मौजूद है। पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने दबे पांव पहुंचकर उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया।
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Updated on:
23 Feb 2026 09:32 pm
Published on:
23 Feb 2026 09:07 pm
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