
बरेली। निकाय चुनाव से पहले ही भारतीय जनता पार्टी में कलह शुरू हो गई है। जिला पंचायत में हार का ठीकरा कुछ नेताओं ने केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के सर फोड़ा है। समाजवादी पार्टी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आने वाली जिला पंचायत सदस्य मंजू देवी के पति मोहन सिंह और बिथरी चैनपुर के विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल ने खुलकर संतोष गंगवार का नाम लिया है और संतोष गंगवार पर मदद न करने का आरोप लगाया है। निकाय चुनाव के पहले बीजेपी में शुरू हुई ये कलह क्या रंग लाएगी ये तो एक दिसम्बर को पता चलेगा लेकिन जिला पंचायत की हार ने बीजेपी को सोचने पर जरूर मजबूर कर दिया है।
मेयर टिकट को लेकर भी घमासान
भारतीय जनता पार्टी में मेयर पद के लिए 37 लोगों ने आवेदन किया था काफी जद्दोजहद के बाद पांच दावेदारों का नाम पैनल के लिए चुना गया है। जिसके बाद अब तीन दावेदारों का पैनल बनाया गया है इन्हीं तीन में से कोई एक दावेदार मेयर पद के लिए चुनाव मैदान में होगा। हालांकि अभी तक बीजेपी ने इन नामों की घोषणा नहीं की है लेकिन बीजेपी के कद्दावर नेता अपने चेहते को टिकट दिलाने का पूरा जोर लगा रहे हैं। हर खेमा अपने पक्ष के आदमी के लिए टिकट चाह रहा है।
पार्टी को कहना पड़ा हमारा प्रत्याशी कमल का फूल
बीजेपी के नेतृत्व को भी कहीं न कहीं गुटबाजी का अंदेशा है और नगर निकाय चुनाव में कहीं ये खेमेबंदी भारी न पड़ जाए इस लिए बीजेपी की हर मीटिंग में बताया जा रहा है कि जिसको पार्टी टिकट देगी उसे ही चुनाव सभी को लड़ाना है। हमारा प्रत्याशी सिर्फ कमल का फूल है।
जिला पंचायत में नहीं पहुंचा एक भी सदस्य
भारतीय जनता पार्टी के आंवला के सांसद और तीन विधायकों के साथ जिला पंचायत सदस्य मंजू देवी ने जिलाधिकारी से अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की थी उस समय दावा किया गया था कि पार्टी के साथ 36 सदस्य हैं लेकिन 28 अक्टूबर को हुए शक्ति परीक्षण में भाजपा की तरफ से एक भी सदस्य जिला पंचायत नहीं पहुंचा और बीजेपी का अविश्वास प्रस्ताव धड़ाम हो गया।
Published on:
30 Oct 2017, 9:26 AM IST
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