
बरेली। शहर में बिजली चोरी पकड़ने निकली विजिलेंस और बिजली विभाग की टीम खुद सवालों के घेरे में आ गई है। गुरुवार तड़के श्यामगंज, सूफी टोला, शाहदाना और कटरा चांद खां में हुई मॉर्निंग रेड में 15 लोग बिजली चोरी करते पकड़े गए, लेकिन मुकदमा सिर्फ 9 उपभोक्ताओं पर दर्ज कराया गया। बाकी छह लोगों पर कार्रवाई न होने से शहर में ‘सेटिंग’ और ‘मैनेजमेंट’ की चर्चाएं तेज हो गई हैं। विजिलेंस दफ्तर के बाहर सुबह से लगी भीड़ ने भी पूरे मामले को और गर्म कर दिया।
अधीक्षण अभियंता विद्युत धर्मेंद्र सिंह के निर्देश पर बिजली विभाग, विजिलेंस और स्थानीय इंजीनियरों की संयुक्त टीम ने कई इलाकों में एक साथ छापेमारी की। जांच के दौरान कई घरों और दुकानों में वैध कनेक्शन के साथ सीधे केबल डालकर बिजली चोरी पकड़ी गई। टीम ने करीब 17 किलोवाट का अवैध लोड पकड़ने का दावा किया है। जैसे ही टीम मोहल्लों में पहुंची, कटिया डालकर बिजली इस्तेमाल करने वालों में भगदड़ जैसे हालात बन गए।
यही सवाल अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है। हाल ही में सीबीगंज क्षेत्र में बिजली विभाग की कार्रवाई को लेकर विवाद हो चुका है। ऐसे में इस बार पकड़े गए सभी लोगों पर मुकदमा न होने से विभाग की कार्यशैली पर उंगलियां उठ रही हैं। सूत्रों की मानें तो कार्रवाई को “सेटल” कराने के लिए सुबह से ही विजिलेंस कार्यालय के बाहर लोगों का जमावड़ा लगा रहा। हालांकि अधिकारी किसी भी गड़बड़ी से इनकार कर रहे हैं।
बिजली विभाग ने साफ किया है कि पकड़े गए उपभोक्ताओं पर विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि अगर किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो जांच कराकर कार्रवाई होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि बिजली चोरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर से परेशान उपभोक्ताओं के लिए आखिरकार राहत भरी खबर आ गई है। यूपीपीसीएल ने आरडीएसएस योजना के तहत लगे सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड मोड में बदलने का आदेश जारी कर दिया है। इसका सीधा फायदा बरेली के करीब 1.90 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा।
अब तक बैलेंस खत्म होते ही उपभोक्ताओं की बिजली सप्लाई बंद हो जाती थी। लोगों का आरोप था कि स्मार्ट मीटर तेजी से रीडिंग लेकर ज्यादा बिल बना रहे हैं। लगातार विरोध और शिकायतों के बाद सरकार को फैसला बदलना पड़ा। अब उपभोक्ताओं को सामान्य बिजली बिल की तरह महीने में बिल मिलेगा और उसे जमा करने के लिए 15 दिन का समय भी दिया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक स्मार्ट मीटरों को लेकर बढ़ते विरोध और जनप्रतिनिधियों के दबाव के बाद ऊर्जा मंत्री स्तर से हस्तक्षेप हुआ। यूपीपीसीएल ने निर्देश जारी कर मई महीने की खपत का बिल जून में पोस्टपेड तरीके से जारी करने को कहा है। बिल एसएमएस और व्हाट्सएप के जरिए भेजे जाएंगे। पुराने बकाये को घरेलू उपभोक्ताओं को 10 किस्तों में जमा करने की सुविधा भी मिलेगी।
बिजली विभाग ने 15 मई से 30 जून तक विशेष कैंप लगाने का फैसला लिया है। इन कैंपों में स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का मौके पर समाधान किया जाएगा। विभाग का दावा है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं और विभाग के बीच चल रहा विवाद काफी हद तक खत्म हो जाएगा।
Published on:
08 May 2026 12:50 pm
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