
बरेली। आंवला से सपा सांसद नीरज मौर्य ने सोमवार को सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद में उन्होंने क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है, लेकिन प्रदेश सरकार जनता के मुद्दों के समाधान में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उनका दावा था कि जनता हर स्तर पर परेशान है और इसी वजह से आने वाले समय में भाजपा की विदाई तय है।
सांसद मौर्य ने कहा कि आंवला क्षेत्र में छुट्टा पशुओं की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। किसान दिन-रात खेतों की रखवाली को मजबूर हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही खाद की किल्लत को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा। कहा कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो रही, जिससे फसल उत्पादन पर असर पड़ रहा है। इन मुद्दों को उन्होंने संसद में भी उठाया है।
नीरज मौर्य ने कहा कि बरेली जैसे बड़े जिले में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने बरेली में एम्स या पीजीआई स्तर के संस्थान की जरूरत बताते हुए कहा कि इस संबंध में उन्होंने कई बार पत्र लिखे हैं। लोगों की मांग भी यही है कि क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य ढांचा विकसित किया जाए, ताकि मरीजों को दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।
सांसद ने स्मार्ट सिटी योजना पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बरेली को स्मार्ट सिटी घोषित तो कर दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित विकास नजर नहीं आता। शहर की मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उनका आरोप था कि योजनाएं कागजों में सीमित रह गई हैं और आम जनता को उसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा।
नीरज मौर्य ने कहा कि उन्होंने क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार दोनों को पत्र भेजे हैं। केंद्र से तो जवाब मिल जाते हैं, लेकिन प्रदेश सरकार की ओर से कई पत्रों का जवाब तक नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि मुद्दे उठाना जनप्रतिनिधि का दायित्व है और विपक्ष में रहते हुए उनकी भूमिका सरकार को सुझाव देना और गलत नीतियों की आलोचना करना है।
सपा सांसद ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल में बरेली में 300 बेड का अस्पताल बनवाया गया था। यदि उसकी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जाएं तो बरेली सहित आसपास के जिलों के लोगों को बड़ा लाभ मिल सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने उस अस्पताल की हालत सुधारने में कोई गंभीर पहल नहीं की।
उन्होंने कहा कि उनके पास लगातार लोग आ रहे हैं और एम्स या पीजीआई जैसे बड़े अस्पताल के लिए पत्र लिखने की मांग कर रहे हैं। यह बताता है कि स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जनता कितनी चिंतित है। सांसद ने भरोसा दिलाया कि वे जनता की आवाज संसद से लेकर संबंधित मंत्रालयों तक लगातार उठाते रहेंगे। मीडिया वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका बेहद अहम होती है। सरकार को जनता के हित में काम करना चाहिए और यदि कहीं कमी है तो उसे स्वीकार कर सुधार करना चाहिए।
Updated on:
23 Feb 2026 02:16 pm
Published on:
23 Feb 2026 02:15 pm
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