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विदेशों तक फैला सट्टे का नेटवर्क, मोबाइल चैटिंग ने उगले राज… सरगना की तलाश तेज

ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का बरेली साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है।

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बरेली। ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का बरेली साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के सरगना शिवम और उसके साथियों ने फर्जी गेमिंग ऐप के जरिए देश ही नहीं, विदेशों तक लोगों को जोड़कर सट्टा खिलाया और बड़ी रकम हड़प ली। पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अभी भी फरार है।

विदेशों तक फैला था नेटवर्क

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क पाकिस्तान, दुबई समेत कई देशों तक फैला हुआ था। आरोपियों ने ऐप के जरिए लोगों को बड़ी कमाई का लालच देकर जोड़ रखा था। अब पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कहीं विदेशी नागरिक भी इस ठगी का शिकार तो नहीं हुए हैं। सोमवार को साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नवाबगंज के सूर्यभान पटेल और भुता निवासी विनीत कुमार को गिरफ्तार किया। दोनों के कब्जे से मोबाइल फोन, सिमकार्ड, क्यूआर कोड, चेकबुक, टैबलेट और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं। पूछताछ में दोनों ने इज्जतनगर निवासी शिवम को गिरोह का सरगना बताया, जो फिलहाल फरार है।

ऐसे हुआ खुलासा

एसपी क्राइम मनीष सोनकर के मुताबिक, प्रतिबिंब और एनसीआरबी पोर्टल पर लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर एक संदिग्ध मोबाइल नंबर ट्रेस किया गया। लोकेशन इज्जतनगर के आशुतोष सिटी में मिलने पर पुलिस ने छापा मारकर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। तलाशी में कई फर्जी खातों और लेन-देन से जुड़े दस्तावेज भी मिले। गिरोह ने करीब डेढ़ दर्जन फर्जी गेमिंग वेबसाइट बना रखी थीं। शुरुआत में छोटे अमाउंट जीतने पर पैसा देकर लोगों का भरोसा जीता जाता था। जैसे ही कोई बड़ी रकम लगाता या जीतता, उसकी आईडी ब्लॉक कर दी जाती थी और रकम हड़प ली जाती थी। शिकायत होने पर आरोपी मोबाइल नंबर और बैंक खाते बदल लेते थे।

चार साल से चल रहा था खेल

पुलिस के अनुसार गिरोह पिछले चार साल से सक्रिय था। एनसीआरबी पोर्टल पर इनके खिलाफ अब तक कई राज्यों से करीब 15 शिकायतें दर्ज हैं। आरोपी अलग-अलग लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनमें पैसे ट्रांसफर करवाते और खाताधारकों को कमीशन देकर खुद बच निकलते थे। फिलहाल साइबर थाना पुलिस मुख्य आरोपी शिवम की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य बुकी और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। पुलिस उन पीड़ितों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने इस ऑनलाइन सट्टेबाजी का शिकार होकर अपनी रकम गंवाई है।