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अस्पताल से ‘गायब’ हुई बच्ची… मां को दे दी मौत की खबर, नहीं सौंपा शव, बेचने का शक, डीएम तक पहुंचा मामला

आंवला क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बल्लिया से नवजात बच्ची के रहस्यमय तरीके से लापता होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

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बरेली। आंवला क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बल्लिया से नवजात बच्ची के रहस्यमय तरीके से लापता होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भमोरा थाना क्षेत्र के गांव झिंदरी की रहने वाली महिला ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में जन्मी उसकी बच्ची को मृत बताकर गायब कर दिया गया, जबकि शव तक नहीं सौंपा गया। अब परिजनों ने बच्ची को बेच दिए जाने की आशंका जताई है। मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की गई है, जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

प्रसव के बाद बेहोश हुई मां, होश आया तो ‘मौत’ की कहानी

पीड़िता कमलेश के अनुसार चार महीने पहले उनका सामान्य प्रसव सीएचसी बल्लिया में हुआ था। प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्राव के कारण वह बेहोश हो गई थीं। जब उन्हें होश आया तो अस्पताल कर्मियों ने बताया कि बेटी हुई थी, लेकिन उसकी मृत्यु हो गई। कमलेश का आरोप है कि जब उन्होंने बच्ची का शव मांगा तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया और शव भी नहीं सौंपा गया।

अस्पताल स्टाफ और आशा-एएनएम ने भी झाड़ा पल्ला

कमलेश ने बताया कि उन्होंने बच्ची के बारे में अस्पताल स्टाफ, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं से जानकारी मांगी, लेकिन सभी ने अनभिज्ञता जाहिर कर दी। प्रसव के दो दिन बाद ही उन्हें घर भेज दिया गया। उस समय उनके पति रमेश राजस्थान में मजदूरी कर रहे थे और उनके साथ गांव की कुछ महिलाएं ही थीं, जो बाद में लौट गईं। करीब तीन महीने बाद जब पति रमेश घर लौटे, तब पूरे मामले की जानकारी सामने आई। इसके बाद परिजनों ने आंवला तहसील और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार बुधवार को जिलाधिकारी अविनाश सिंह से शिकायत की गई, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।

जांच टीम गठित, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को तलब किया और एसडीएम आंवला विदुषी सिंह की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी। टीम में इंस्पेक्टर आंवला कुंवर बहादुर सिंह, एडिशनल सीएमओ डॉ. राकेश और प्रभारी चिकित्साधिकारी आलमपुर जाफराबाद डॉ. विवेक को शामिल किया गया है। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं एसडीएम विदुषी सिंह ने कहा कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

प्रशासन का सख्त रुख, पर उठे बड़े सवाल

जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने साफ कहा कि मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं आखिर नवजात का शव कहां गया, क्या वाकई बच्ची की मौत हुई थी या कुछ और सच्चाई छिपाई जा रही है। अब पूरे मामले की सच्चाई जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी, लेकिन फिलहाल यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।