
पीलीभीत। यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के संगीन आरोपों में फरार चल रहे लखनऊ स्थित केजीएमयू के रेजीडेंट डॉक्टर की तलाश में अब कार्रवाई ने इंटर-डिस्ट्रिक्ट मोड पकड़ लिया है। लखनऊ की चौक कोतवाली पुलिस शनिवार को सीधे पीलीभीत पहुंची और आरोपी डॉक्टर के न्यूरिया कस्बे स्थित पैतृक घर पर छापा मारा। हालांकि मौके पर पुलिस के हाथ निराशा लगी—मकान पहले ही दान किए जाने की बात सामने आई।
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली छात्रा ने रेजीडेंट डॉक्टर रमीज मलिक पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। मामला दर्ज होते ही डॉक्टर फरार हो गया। गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए गैर जमानती वारंट जारी हुआ और 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
सूचना मिलने पर चौक कोतवाली पुलिस की टीम, उपनिरीक्षक तेज कुमार शुक्ला के नेतृत्व में न्यूरिया थाना क्षेत्र पहुंची। स्थानीय पुलिस के साथ मोहल्ला ठाकुरद्वारा स्थित पैतृक घर की तलाशी ली गई। मौके पर मौजूद एक युवक को थाने बुलाकर पूछताछ हुई, लेकिन डॉक्टर का कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
पूछताछ में सामने आया कि डॉक्टर के पिता सलीमुद्दीन वर्तमान में खटीमा (उत्तराखंड) में रहते हैं और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव हैं। परिवार मूल रूप से न्यूरिया का निवासी जरूर है, लेकिन मकान दान किया जा चुका है। इस खुलासे ने पुलिस की एक अहम कड़ी कमजोर कर दी।
मामले में बयान के आधार पर आरोपी बनाए गए काजी सैयद जाहिद हसन का संबंध भी न्यूरिया से ही बताया जा रहा है। इससे जांच का दायरा स्थानीय स्तर से आगे नेटवर्क-आधारित जांच की ओर बढ़ गया है।
थाना प्रभारी न्यूरिया सुभाष मावी ने बताया कि लखनऊ पुलिस की टीम जांच के बाद लौट गई है। उधर, विश्वजीत श्रीवास्तव, डीसीपी (पश्चिमी जोन), लखनऊ ने स्पष्ट किया कि मुख्य आरोपी समेत अन्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी है और पीलीभीत पुलिस से निरंतर समन्वय बना हुआ है।
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Published on:
06 Jan 2026 08:42 pm
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