3 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इज्जतनगर रेल मंडल की रफ्तार ने बनाया रिकॉर्ड, देशभर में 9वीं रैंक… कमाई से लेकर सुविधा तक हर मोर्चे पर कमाल

पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने इसे देश के टॉप डिवीजनों की कतार में ला खड़ा किया है।

2 min read
Google source verification

बरेली। पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने इसे देश के टॉप डिवीजनों की कतार में ला खड़ा किया है। मंडल रेल प्रबंधक सुश्री वीणा सिन्हा के नेतृत्व में न सिर्फ रैंकिंग सुधरी, बल्कि राजस्व, यात्री सुविधाएं, डिजिटल सिस्टम और सुरक्षा—हर क्षेत्र में बड़ा उछाल देखने को मिला। शुक्रवार को अपर मंडल रेल प्रबंधक मनोज कुमार ने प्रेस वार्ता में इन उपलब्धियों का खुलासा किया।

इज्जतनगर डिवीजन ने दिसंबर 2025 की अखिल भारतीय रैंकिंग में 9वां स्थान हासिल कर बड़ी छलांग लगाई है। यह उपलब्धि 2019 के बाद की सर्वश्रेष्ठ मानी जा रही है। इसके साथ ही जनवरी 2026 में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, बरेली की बैठक में 57 केंद्रीय कार्यालयों के बीच हिंदी के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए मंडल को प्रथम स्थान मिला।

पर्यावरण में भी अव्वल: ग्लोबल अवार्ड से सम्मानित

जल संरक्षण, अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण और कार्बन उत्सर्जन कम करने के प्रयासों के लिए मंडल को “वाटर ट्रांसवर्सैलिटी ग्लोबल अवार्ड्स 2026” से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार 6 मार्च को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रदान किया। मंडल में मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन में 12 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। यात्रियों की सुविधा के लिए 4 प्रमुख ट्रेनों को एलएचबी कोच में बदला गया, जबकि स्टेशनों पर 9 नई लिफ्ट और 12 एस्केलेटर शुरू किए गए। इससे खासतौर पर बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।

कमाई में उछाल: 560 करोड़ से ज्यादा का राजस्व

इज्जतनगर मंडल ने इस साल 560.19 करोड़ रुपये का कुल राजस्व अर्जित किया, जो पिछले साल से 3.81 प्रतिशत अधिक है। 69 मिलियन यात्रियों ने सफर किया, यात्री आय: 365.46 करोड़ रुपये, माल ढुलाई: 161.66 करोड़ रुपये और टिकट चेकिंग: 3.51 लाख मामलों में 20.03 करोड़ की वसूली की। यह आंकड़े मंडल की मजबूत आर्थिक स्थिति की ओर इशारा करते हैं। वहीं मंडल ने सभी स्टेशनों पर QR कोड आधारित UPI भुगतान शुरू कर दिया है। ‘UTS ऑन मोबाइल’ सेवा से 31.3 लाख यात्रियों ने टिकट लिया, जिससे 4.15 करोड़ रुपये की आय हुई। साथ ही RCT केस फाइलों में QR कोड जोड़कर डिजिटल साक्ष्य प्रणाली लागू की गई है, जिसे रेलवे में बेस्ट प्रैक्टिस माना जा रहा है।

स्पीड 110 किमी/घंटा, सुरक्षा के लिए 75 किमी फेंसिंग

रेल ट्रैक की गुणवत्ता और सुरक्षा पर विशेष फोकस करते हुए 22.86 किमी ट्रैक पर गति 110 किमी/घंटा तक बढ़ाई गई है। पशुओं से टकराव रोकने के लिए 60 किमी के लक्ष्य के मुकाबले 75 किमी तक फेंसिंग कर दी गई। रेलवे ने अपने कर्मचारियों पर भी खास ध्यान दिया, 31 प्रतिशत ज्यादा कर्मचारियों को ट्रेनिंग, 367 कर्मचारियों को प्रमोशन और 90 रेलवे क्वार्टरों की री-वायरिंग इससे कार्यक्षमता और सुरक्षा दोनों में सुधार हुआ है।

लोकोमोटिव और ग्रीन एनर्जी में बड़ा विस्तार

इज्जतनगर लोको शेड में इस साल 42 नए इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव जोड़े गए, जो अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। मंडल के पास अब कुल 200 लोकोमोटिव हैं—142 इलेक्ट्रिक और 58 डीजल। साथ ही 319 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर हरित ऊर्जा की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले समय में यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और संचालन क्षमता को और बेहतर बनाने के लिए लगातार नए कदम उठाए जाएंगे। इज्जतनगर मंडल अब स्मार्ट और डिजिटल रेलवे की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।