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करोड़ों की जीएसटी चोरी में बरेली के तीन बड़े व्यापारी गिरफ्तार,भेजे गए जेल

प्रदेश में जीएसटी चोरी में ये बड़ी कार्रवाई होने से व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

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three big businessmen of bareilly arrested by dggi in GST evasion

करोड़ों की जीएसटी चोरी में बरेली के तीन बड़े व्यापारी गिरफ्तार,भेजे गए जेल

बरेली। कर चोरी करने वालों पर सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। केंद्रीय वस्तु और सेवा कर विभाग ने प्रदेश में पहली बार बड़ी कार्रवाई करते हुए बरेली के तीन बड़े व्यापारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। व्यापारियों पर 1800 करोड़ की फर्जी बिलिंग कर 90 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी का आरोप लगा है। डीजीजीआई ने तीनों व्यापारियों जयदीप अग्रवाल, सुनील कुमार गुप्ता और रचिन गुप्ता को गिरफ्तार कर लखनऊ में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जहाँ से तीनों को जेल भेज दिया गया। प्रदेश में जीएसटी चोरी में ये बड़ी कार्रवाई होने से व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

फर्जी बिलिंग से करोड़ों की टैक्स चोरी

डीजीजीआई लखनऊ जोन की टीम को बरेली के बड़े व्यापारियों द्वारा टैक्स चोरी की सूचना मिली थी जिस पर टीम ने स्थानीय अफसरों को सूचना दिए बगैर तीनों व्यापारियों के बरेली,शाजहांपुर और कासगंज स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। इन व्यापारियों ने बोगस इनवाइस बना कर बिना माल की खरीद फरोख्त के फर्जी बिलिंग से अपना कारोबार दिखाया। ये कारोबारी बोगस कंपनियां बनाकर खुद ही माल को खरीदा और बेच दिया जबकि हकीकत में कोई खरीद और बिक्री हुई नहीं थी ऐसा इन्होने सिर्फ टैक्स चोरी करने के लिए किया।

ऐसे हुई टैक्स चोरी

छापेमारी के दौरान टीम ने व्यापारी जयदीप अग्रवाल के यहाँ से लगभग 350 करोड़ रूपये की खरीद इनवाइस बरामद की इसमें 17.53 करोड़ रूपये की जीएसटी चोरी की गई और उन्होंने 350 करोड़ की फर्जी बिक्री दिखाई इसमें 17.58 करोड़ की टैक्स चोरी की गई। व्यापारी रचिन गुप्ता और सुनील कुमार ने 500 करोड़ की फर्जी खरीद दिखा कर 25 करोड़ की जीएसटी चोरी की और 590 करोड़ की बिक्री दिखा कर 30 करोड़ रूपये की जीएसटी चोरी की।

स्कूटर पर ढोया 20 टन माल

व्यापारियों ने माल की ढुलाई के लिए जिन वाहनों के नंबर उपलब्ध कराए वो नंबर भी फर्जी निकले। उपलब्ध कराए गए नंबर स्कूटर, ई रिक्शा, बाइक और डम्फर के निकले इन वाहनों से 20-20 मीट्रिक टन चावल और चीनी की ढुलाई दिखाई गई। अफसरों को पता चला है कि व्यपारियों ने न सिर्फ माल की सप्लाई दिखाई बल्कि माल की रिसीविंग भी दिखाई ऐसा उन्होंने इनपुट टैक्स क्रेडिट की सुविधा का लाभ उठाने के लिए किया।

भेजा गया जेल

अफसरों को शुरूआती जांच में ये आंकड़े पता चले है अभी जांच चल रही है और ये फर्जीवाड़ा और भी बड़ा हो सकता है। ये तथ्य सामने आने के बाद गुरूवार को व्यापारियों को जीएसटी एक्ट में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया जहाँ से उन्हें 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया। इस पूरे अभियान का नेतृत्व डीजीजीआई लखनऊ के अपर महानिदेशक राजेंद्र सिंह ने किया इसमें एडिशनल डायरेक्टर दिनेश कुमार,डिप्टी डायरेक्टर अमित कुमार, एसआईओ संतोष तिवारी,आइओ हेमंत चौहान, अमित कुमार आदि ने कार्रवाई की।