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खून से सनी पटरियां… गरीब रथ ने दो मासूमों समेत पांच को रौंदा, खरीदारी कर लौट रहा पूरा परिवार एक झटके में उजड़ा

रोजा इलाके में एक पल में खुशियों से भरा परिवार ऐसा उजड़ा कि पीछे सिर्फ चीख-पुकार और खून से सनी पटरियां रह गईं। मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर तेज रफ्तार गरीब रथ एक्सप्रेस ने एक ही बाइक पर सवार पांच लोगों को रौंद डाला। हादसे में दो मासूम बच्चों, एक महिला और दो पुरुषों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

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शाहजहांपुर। रोजा इलाके में एक पल में खुशियों से भरा परिवार ऐसा उजड़ा कि पीछे सिर्फ चीख-पुकार और खून से सनी पटरियां रह गईं। मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर तेज रफ्तार गरीब रथ एक्सप्रेस ने एक ही बाइक पर सवार पांच लोगों को रौंद डाला। हादसे में दो मासूम बच्चों, एक महिला और दो पुरुषों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

बुधवार शाम करीब 6:18 बजे रोजा स्टेशन के पास अटसलिया इलाके में वह मनहूस पल आया। अमृतसर से सहरसा जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस बिजली की रफ्तार से आई और ट्रैक पार कर रहे बाइक सवारों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। टक्कर इतनी भयानक थी कि बाइक ट्रेन में फंसकर करीब 500 मीटर तक घिसटती चली गई।

ट्रैक पर बिखर गए सपने

टक्कर के बाद जो मंजर सामने आया, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। शवों के चीथड़े उड़ गए, रेलवे ट्रैक पर दूर-दूर तक कटे हुए हाथ, पैर और सिर पड़े थे। चारों ओर खून ही खून… यह दृश्य देखकर मौजूद लोगों की रूह कांप उठी। हादसे में जान गंवाने वालों में हरिओम (40), निवासी ग्राम बनका, लखीमपुर खीरी उनके साढू सेठपाल, निवासी ग्राम बिकन्ना, शाहजहांपुर, सेठपाल की पत्नी पूजा (35), मासूम बेटे-बेटी सूर्या (4) और निधि (5) शामिल हैं।

बाजार से लौटते वक्त छिन गई जिंदगी

परिजनों के मुताबिक सेठपाल अपने परिवार के साथ हरिओम के घर आया था। शाम को सभी लोग रोजा के बुध बाजार से खरीदारी कर लौट रहे थे। घर की जरूरत का सामान बाइक पर था और उस बाइक पर पांच जिंदगियां सवार थीं। जैसे ही बिना फाटक वाली रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंचे, सामने से मौत दौड़ती चली आई।

मौके पर पहुंचा बाप, पहचानते ही फूट पड़ा

हादसे की खबर मिलते ही हरिओम के पिता लालाराम बदहवास हालत में मौके पर पहुंचे। बिखरे शवों को देखकर वे फूट-फूटकर रो पड़े। गांव से लेकर रिश्तेदारों तक हर तरफ कोहराम मच गया। एक बार फिर मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग ने कई जिंदगियां निगल लीं। सवाल वही है कब तक ऐसे ही मौत का खेल चलता रहेगा। यह हादसा सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक खूनी चेतावनी है, जिसे नजरअंदाज करना और मासूमों की जान से खेलना अब भारी पड़ रहा है।

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