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आतंकवाद के खिलाफ फतवा जारी, उलेमा बोले- जिहाद के लिए भारत में जगह नहीं

आतंकवाद के खिलाफ बरेली के उलेमाओं ने फतवा जारी किया है।
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बरेली

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Mukesh Kumar

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Updated: 25 Apr 2018, 5:06 PM IST

आतंकवाद के खिलाफ फतवा

बरेली। दरगाह आला हजरत से जुड़ी संस्था ऑल इंडिया तंजीम उलेमा-ए-इस्लाम ने आतंकवादी संगठनों के खिलाफ फतवा जारी किया है। इस फतवे में कहा गया है कि मौजूदा दौर में इस्लाम के नाम पर जिहाद की भारत में कोई जगह नहीं है, क्योंकि यहां मुसलमानों मजहबी आजादी मिली हुई है। इसलिए युवा इन आतंकवादी संगठनों के बहकावे में न आएं। उलेमाओं ने आतंकवादी संगठनों को इस्लाम के दायरे से खारिज किया है। साथ ही इन संगठनों में शामिल होना गुनाह बताया है।


आतंकी संगठन इस्लाम से खारिज
तंजीम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन ने बताया कि कुरान और हदीस की रोशनी में यह साफ है कि जिहाद के नाम पर बने संगठन जैसे अलकायदा, आईएसआईएस, तालिबान, बोकोहरम, लश्कर-ए-तैयबा, इंडियन मुजाहिद्दीन इस्लाम के खिलाफ काम कर रहे हैं। ये संगठन बेकसूर लोगों का कत्ल कर रहे हैं। बूढ़े, बच्चे एवं महिलाओं को निशाना बना रहे हैं। इस्लाम इस तरह के जंग, जिदाल और कत्ल के खिलाफ है। इस्लाम ने हमेशा अमन का पैगाम दिया है। इस तरह के संगठन इस्लाम को कमजोर करने और पूरी दुनिया में मुसलमानों को बदनाम करने में लगे हुए हैं। इसलिए इन संगठनों को इस्लाम के दायरे से खारिज किया जाता है। इन संगठनों में शामिल होना गुनाह है।

देशभर में जाएंगे उलेमा
ऑल इंडिया तंजीम-ए-उलेमा इस्लाम के इस फतवे में आतंकी संगठनों को शरीयत की रोशनी में इस्लाम से खारिज किया गया है। इन संगठनों का सहयोग करने वाले और इनमें शामिल होने वालों को नाजायज और गुनाह बताया गया है। जिस तरह से कल्याण, पुणे और कश्मीर के कुछ नौजवान आतंकी संगठनों में शामिल हो गए थे। इसलिए उलेमाओं ने यह फतवा जारी किया है। जिससे देश के युवा होशियार रहे। मौलाना शहाबुद्दीन ने बताया कि इस फतवे पर 14 राज्यों के मुफ़्तियों ने अपनी सहमति जताई है। वो इस फतवे को लेकर पूरे देश भर के इस्लामिक संस्थाओं के प्रमुख से मिलने जाएंगे।

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