
बरेली। दरगाह आला हजरत परिसर दरगाह ताजुश्शरिया और मथुरापुर स्थित मदरसा जामियातुर रजा में सुन्नी बरेलवी मसलक के हुज़ूर ताजुश्शरिया हजरत मुफ्ती मोहम्मद अख़्तर रज़ा खां (अजहरी मियां) का सातवां सालाना दो रोजा उर्स-ए-ताजुश्शरिया में धूमधाम से मनाया गया। काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खां कादरी (असजद मियां) की सरपरस्ती में कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। दरगाह ताजुश्शरिया और मदरसा जामियातुर रज़ा के अलावा लोगो ने मस्जिदों, खानकाहों, अपने घरों, मोहोल्लो, दुकानों में बड़ी शान-ओ-शौकत के साथ उर्स मनाया।
उर्स में फिलिस्तिन समर्थित नारे लगाने लगे। इसके अलावा इजरायल के उत्पादों के बहिष्कार की मांग की। सड़कों पर कुछ युवत तख्तियां हाथ पर लेकर पहुंच गए। जिन पर फिलिस्तीन और गाजा समर्थित नारे लिखे हुए थे। जिसमें गाजा को आजाद करने और मुसलमानों की तरफ से इजरायली उत्पादों के बहिष्कार की बात कही गई। पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
दरगाह सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन मियां ने ज़ायरीन को अपना पैगाम जारी करते हुए कहा कि पर्दा इस्लाम का अहम हिस्सा है। हम अपनी बहन बेटियां को पर्दा की ताकीद करे। अपनी निगरानी में उनकी अच्छी तालीम और तर्बियत दे। बेटे और बेटियों का खास ख़्याल रखे,जो बच्चियां स्कूल व कॉलेज में पढ़ती है उनकी तालीम का वही तरीका अख्तियार करे जो शरीयत की नज़र में जायज़ हो। आज के माहौल के मद्देनजर रखते हुए बच्चे-बच्चियों का खास ख्याल रखे। ताकि हमारे बच्चें गलत कदम उठाने से बचे। दहेज़ जैसी सामाजिक बुराई का बहिष्कार करें।
उर्स के दूसरे दिन सोमवार को दरगाह ताजुश्शरिया पर फज्र की नमाज के बाद कुरानख्वानी और नात-ओ-मनकबत की महफ़िल सजाई गई। सुबह 07.10 मिनट पर हुज़ूर ताजुश्शरिया के वालिद-ए-गिरामी हुज़ूर मुफस्सिर-ए-आज़म हज़रत इब्राहीम रज़ा ख़ान (जिलानी मियां) के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इसके बाद दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक सीबीगंज स्थित प्रसिद्ध दारुल उलूम जामियतुर्रजा में आलमी उलमा व मशायख की तकरीरों का सिलसिला चला। इस दौरान वक्ताओं ने ताजुश्शरिया के इल्मी और फिकही कारनामों पर रोशनी डाली और उनकी खिदमत-ए-दीन को सच्चा इस्लामी मयार बताया। वहीं शाम 7:14 बजे हजरत ताजुश्शरिया मुफ्ती अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) के कुल की रस्म अदा की गई।
इससे पहले रविवार को उर्स-ए-मुबारक का आगाज़ परचम कुशाई की रस्म से हुआ था। सौदागरान स्थित दरगाह ताजुश्शरिया पर इस मौके पर खास सजावट की गई थी। सुबह से ही विभिन्न इलाकों से चादर व झंडों के साथ अकीदतमंदों के जुलूस दरगाह पहुंचने लगे थे। हर गली और मोहल्ला नारों से गूंज रहा था। जगह-जगह इत्र, फूलों और गुलाबजल का छिड़काव किया गया। दुकानों, घरों और मदरसों को रंगीन झालरों व बैनरों से सजाया गया था। स्थानीय प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। पूरा इलाका इत्र और फूलों की खुशबू से महक उठा, जबकि माहौल या रसूलल्लाह और या ताजुश्शरिया के नारों से गूंजा।
दरगाह आला हजरत स्थित खानकाह ताजुश्शरिया में सज्जादानशीन और काज़ी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी की सरपरस्ती में धार्मिक रस्में पूरी की जा रही हैं। उन्होंने जायरीन को इस्लामी तहज़ीब, अमन और इत्तेहाद का पैग़ाम दिया। शहर में उर्स-ए-ताजुश्शरिया की रौनक के चलते गेस्ट हाउस, मेहमानखाने और मदरसे जायरीन से खचाखच भर गए हैं। रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर विशेष सहायता केंद्र लगाए गए हैं। उर्स में शिरकत करने के लिए देश के कोने-कोने के साथ-साथ ब्रिटेन, अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे मुल्कों से भी अकीदतमंद पहुंचे।
उर्स-ए-ताजुश्शरिया में सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने दरगाह ताजुश्शरिया थाना कोतवाली और उर्स स्थल मथुरापुर स्थित मदरसा जामियातुर रजा को तीन सुपर जोन में बांटा। इसके अलावा पांच जोन और 13 सेक्टर बनाए गए। जोन के प्रभारी एसडीएम और तहसीलदार स्तर के अधिकारी बनाए गए। सुपर जोन एक में कूंचा सीताराम से कुतुबखाना चौराहा, जिला पंचायत बिहारीपुर ढाल, दरगाह आला हजरत से सिटी सब्जी मंडी (एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह प्रभारी), सुपर जोन दो में बरेली जंक्शन से चौपुला चौराहे से सिटी रेलवे स्टेशन से मिनी बाईपास से जीरो प्वाइंट परसाखेड़ा तक (एडीएम न्यायिक देश दीपक सिंह प्रभारी), सुपरजोन तीन में मदरसा जामियातुल रजा मथुरा की संपूर्ण व्यवस्था के एडीएम वित्त एवं राजस्व संतोष बहादुर सिंह प्रभारी बनाए गए हैं। रेलवे जंक्शन की व्यवस्था एसडीएम बहेड़ी रत्निका श्रीवास्तव और डीडी मनरेगा हसीब अंसारी को जिम्मेदारी दी गई।
उर्स में सुरक्षा के मद्देनजर एसएसपी अनुराग आर्य ने एक हजार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई थी। इनमें चार एडिशनल एसपी, 11 सीओ, 33 इंस्पेक्टर, 121 दरोगा, चार कंपनी पीएसी समेत एक हजार से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किए गए थे। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि फोर्स की तैनाती के साथ कार्यक्रम स्थल पर ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई। पुलिस सादे कपड़ों में भी तैनात रही। साथ ही शहर को सुपर जोन, जोन और सेक्टर जोन में विभाजित किया गया था, और पुलिस भी चप्पे-चप्पे पर तैनात रही।
डा. मेहंदी हसन, हाफिज इकराम रजा, शमीम अहमद, कौसर अली, समरान खान, मोईन खान, अब्दुल्लाह रजा खां, मौलाना निजामुद्दीन, बख्तियार खां, नदीम अहमद सुभानी, मोईन अख्तर, नवेद असलम, कौसर अली, दन्नी अंसारी, गुलाम हुसैन, आबिद नूरी आदि का सहयोग रहा।
उर्स के मौके पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दरगाह ताजुश्शरिया पर चादर भेजी। सपा जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप व महानगर अध्यक्ष शमीम खाँ सुल्तानी दरगाह शरीफ़ पहुँचे और वहाँ चादर पोशी कर मुल्क में अमन चैन, एकता और भाईचारे के लिए दुआएं मांगी। इस मौके पर डॉक्टर अनीस बेग, महानगर उपाध्यक्ष शेर सिंह गंगवार, सैफ वली खान, हसीब खान, बाबर अली उर्फ़ डाक्टर चाँद, रमीज हाशमी, हाजी शकील अशरफी, मोहसिन खान, संजीव कश्यप, संदीप मौर्य आदि प्रमुख पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।
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Updated on:
05 May 2025 08:10 pm
Published on:
05 May 2025 08:09 pm
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