3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

थाने में नहीं हुई सुनवाई तो महिला ने एसएसपी कार्यालय गेट पर खाया जहर, दुधमुंही बच्ची के साथ पहुंची थी, फिर हुआ ये

जनपद बदायूं में बुधवार को प्रशासनिक तंत्र की अनसुनी का एक गंभीर मामला सामने आया, जब थाना स्तर पर सुनवाई न होने से आहत एक महिला ने एसएसपी कार्यालय के मुख्य गेट पर जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। महिला की पहचान तालगांव निवासी निशा के रूप में हुई है, जो अपनी छोटी बच्ची आइजा को गोद में लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंची थीं।

2 min read
Google source verification

थाने में नहीं हुई सुनवाई तो महिला ने एसएसपी कार्यालय गेट पर खाया जहर(फोटो सोर्स: पत्रिका)

बदायूं। जनपद बदायूं में बुधवार को प्रशासनिक तंत्र की अनसुनी का एक गंभीर मामला सामने आया, जब थाना स्तर पर सुनवाई न होने से आहत एक महिला ने एसएसपी कार्यालय के मुख्य गेट पर जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया।
महिला की पहचान तालगांव निवासी निशा के रूप में हुई है, जो अपनी छोटी बच्ची आइजा को गोद में लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंची थीं।

घटना के समय सुबह 10:30 बजे जैसे ही महिला ने ज़हर खाया, गेट के पास तैनात पुलिसकर्मियों ने चीख-पुकार सुनकर तत्काल उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने बताया कि महिला की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है।


पति व ससुरालियों पर लगाया उत्पीड़न का आरोप, तलाकनामे पर जबरन हस्ताक्षर की भी शिकायत

पीड़ित महिला निशा ने बताया कि उसने एक साल पहले गांव के ही मुशर्रफ से प्रेम विवाह किया था। कुछ समय बाद ही पति और ससुरालियों ने दहेज में दो लाख रुपये की मांग शुरू कर दी।

निशा के अनुसार, लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलने के बाद भी जब मामला शांत नहीं हुआ, तो उन्होंने मूसाझाग थाने में शिकायत दी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की।
इससे आरोपितों का मनोबल बढ़ गया और पिछले सप्ताह उन्होंने निशा की पिटाई भी की।

महिला का यह भी आरोप है कि पति मुशर्रफ ने जबरन तलाक के कागजात पर हस्ताक्षर करवा लिए और कुछ रुपये देकर उसे घर से निकाल दिया। अब वह न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं।


पुलिस का पक्ष : तलाक हो चुका, पति घर पर नहीं मिला

उझानी सर्किल के सीओ डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि महिला का तलाक हो चुका है।
हाल ही में उन्होंने पति व ससुराल वालों के विरुद्ध उत्पीड़न की शिकायत की थी, जिस पर पुलिस टीम को आरोपित की तलाश में भेजा गया था, लेकिन वह घर पर नहीं मिला।
अब महिला का कहना है कि तलाकनामे पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए, इसलिए पुलिस से मांग है कि मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

प्रशासन पर गंभीर सवाल, महिला के आत्महत्या प्रयास से हड़कंप

इस पूरी घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक पीड़िता, जिसने कई बार शिकायत की, उसे थाने से न्याय नहीं मिला और अंततः उसे एसएसपी कार्यालय के बाहर आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा।
गोद में दुधमुंही बच्ची लिए महिला का इस तरह कदम उठाना, प्रशासनिक संवेदनशीलता की भी परीक्षा लेता है।
फिलहाल महिला की स्थिति स्थिर है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पर सवाल यह भी है कि यदि पहले स्तर पर ही कार्रवाई हो जाती, तो शायद यह स्थिति न आती।


बड़ी खबरें

View All

बरेली

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग