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कौन छोड़ गया यह मासूम… न सुन सकता है न बोल, अस्पताल में भर्ती, 29 दिन पहले पुलिस लाइन में भी मिला था बच्चा

शहर में रविवार की रात मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया, जब चौपुला के पास रेलवे कॉलोनी में एक लगभग दो वर्षीय मासूम बच्चा लावारिस हालत में पाया गया। आशंका जताई जा रही है कि बच्चे को जानबूझकर वहां छोड़ा गया है।

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बरेली। शहर में रविवार की रात मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया, जब चौपुला के पास रेलवे कॉलोनी में एक लगभग दो वर्षीय मासूम बच्चा लावारिस हालत में पाया गया। आशंका जताई जा रही है कि बच्चे को जानबूझकर वहां छोड़ा गया है। घटना की सूचना पर सक्रिय हुई स्थानीय समाजसेवी संस्था चाइल्डलाइन ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बच्चे को अपनी सुरक्षा में लिया और जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया।

डॉक्टर ने बताया कि बच्चा शारीरिक रूप से तो स्वस्थ है, लेकिन उसे सुनाई नहीं देता और वह किसी प्रकार की आवाज या संकेत पर प्रतिक्रिया नहीं करता। डॉक्टरों ने शंका जताई कि बच्चा सुनने और बोलने में असमर्थ हो सकता है। उसके व्यवहार और प्रतिक्रिया के आधार पर यह भी माना जा रहा है कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं है।

मानसिक स्थिति पर भी संदेह, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस

चाइल्डलाइन की टीम ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तुरंत मानसिक स्वास्थ्य संस्थान को सूचित किया, जहां से विशेष चिकित्सकों की एक टीम जिला अस्पताल पहुंची और बच्चे की मानसिक स्थिति का आकलन किया। फिलहाल बच्चे को अस्पताल की निगरानी में रखा गया है और उसके उपचार व देखभाल की समुचित व्यवस्था की गई है। उधर कोतवाली पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। रेलवे कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि बच्चा वहां कैसे पहुंचा और उसे किसने छोड़ा। पुलिस का मानना है कि बच्चा जानबूझकर छोड़ा गया है, क्योंकि घटनास्थल पर कोई परिजन या अभिभावक नजर नहीं आए और न ही कोई व्यक्ति उसे खोजता हुआ वहां पहुंचा।

इससे पहले भी पुलिस लाइन में मिला था एक बच्चा

बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी की बहन और पूर्व लेफ्टिनेंट खुशबू पाटनी को 20 अप्रैल को बरेली की पुलिस लाइन के पास स्थित एक खंडहर में एक साल का मासूम बच्चा रोता हुआ मिला। बच्चे के शरीर पर चोटों के निशान थे और वह काफी घबराया हुआ था। घटना उस वक्त सामने आई जब खुशबू पाटनी अपने घर के पास टहल रही थीं। खंडहर की ओर से बच्चे के रोने की आवाज सुनकर वह वहां पहुंचीं, जहां उन्होंने देखा कि बच्चा अकेला पड़ा हुआ है। आसपास बंदर और आवारा कुत्ते मंडरा रहे थे। समय रहते अगर किसी की नजर न पड़ती, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

सोशल मीडिया और थानों को भेजी गई तस्वीरें

पुलिस द्वारा बच्चे के फोटो को विभिन्न थानों और चाइल्ड केयर संस्थानों को भी साझा किया गया है, ताकि उसकी पहचान हो सके और माता-पिता अथवा अभिभावकों तक पहुंचा जा सके। इसके अलावा आसपास के जिलों में भी सूचना भेजी गई है। इस मामले ने समाज में कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या बच्चे को उसकी विकलांगता के कारण त्यागा गया, क्या उसके माता-पिता किसी परेशानी में हैं या जानबूझकर उससे छुटकारा पाने की कोशिश की गई। इन सभी प्रश्नों के उत्तर फिलहाल जांच के दायरे में हैं।

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