
विधवा पेंशन घोटाला (फोटो सोर्स : पत्रिका)
बरेली। जिले में विधवा पेंशन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान महिला कल्याण विभाग ने पाया कि करीब 800 लाभार्थी महिलाएं मृतक निकलीं, फिर भी उनके बैंक खातों में लगातार पेंशन की राशि ट्रांसफर होती रही। विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन सभी खातों को ब्लॉक कर दिया है और अब फर्जी तरीके से गई रकम की रिकवरी की तैयारी की जा रही है।
बरेली जिले में विधवा पेंशन योजना के तहत कुल 97,000 महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये पेंशन दी जाती है। यह राशि तिमाही आधार पर यानी साल में चार बार लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जाती है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 की शुरुआत में प्रशासन ने तहसील और ब्लॉक स्तर पर लाभार्थियों का सत्यापन अभियान शुरू किया। अब तक 54,000 लाभार्थियों का सत्यापन पूरा हो चुका है, जिसमें 800 महिलाओं के मृत होने की पुष्टि हुई है।
जांच में यह भी पाया गया कि अधिकतर मामलों में परिजनों ने महिला की मृत्यु की सूचना विभाग को नहीं दी, जिससे पेंशन की राशि मृतक के खाते में ट्रांसफर होती रही।
महिला कल्याण विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) मोनिका राणा ने बताया, "सत्यापन अभी जारी है। जिन खातों में मृत्यु के बाद भी पेंशन ट्रांसफर हुई है, वहां की राशि की जानकारी जुटाई जा रही है। पेंशन की जितनी किस्तें गलत तरीके से ट्रांसफर हुई हैं, उसकी रिकवरी की जाएगी।"
मृतक महिलाओं के बैंक खातों को ब्लॉक कर उनके लेनदेन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि किस महिला की कब मृत्यु हुई और उसके बाद कितनी पेंशन किस्तें खाते में डाली गईं। इसके लिए संबंधित बैंक और ब्लॉक अधिकारियों से रिपोर्ट मंगाई गई है।
इस घोटाले ने महिला कल्याण विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि विभाग को लंबे समय तक लाभार्थियों की मृत्यु की सूचना क्यों नहीं मिली और पेंशन जारी कैसे रही। फिलहाल प्रशासन इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।
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Published on:
27 May 2025 10:42 am
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