
251 plants planted by the students, Saint helped the two lakhs
चौहटन (बाड़मेर) राजस्थान पत्रिका के हरयाळो राजस्थान अभियान के तहत रविवार को चौहटन के रामावि खारावाला में सिद्ध श्रीजसनाथ आश्रम पांचला सिद्धा नागोर, राउमावि परिवार खारावाला के साथ युवाओं एवं ग्रामीणों के तत्वावधान पौधरोपण हुआ।
पांचला सिद्ध आश्रम नागोर के संत जोगनाथ के संरक्षण, प्रधानाचार्य जोधाराम, व्याख्याता भोमाराम भादू, युवक कांग्रेस के संसदीय क्षेत्र अध्यक्ष नरेश भादू, एसएमसी अध्यक्ष रूघाराम अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस मौके पर 251 पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिय। सिद्ध आश्रम नागोर की ओर से पौधों की सुरक्षा एवं संवर्धन के लिए दो लाख रुपए की घोषणा की। इस पर हाथोंहाथ पौधों की सुरक्षा को तारबंदी के लिए तार, छीने, खाद आदि का प्रबंध किया गया। अतिथियों ने पत्रिका के अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इससे आम लोगों में चेतना जागृत हो रही है तथा उसी से ही बड़े बदलाव की उम्मीद की जा सकती है
पौधों से मिलती है ऑक्सीजन
शिव . राजस्थान पत्रिका के हरयाळो राजस्थान अभियान के तहत स्थानीय तहसील कार्यालय में रविवार को पौधरोपण किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि तहसीलदार शैतानसिंह राजपुरोहित ने कहा कि पेड़-पौधों का संरक्षण करना मानव का दायित्व है। मनुष्य को प्राणदायक गैस ऑक्सीजन पौधों से प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को एक पौधा लगाकर उसे बड़ा करना चाहिए। भाजपा के वरिष्ठ नेता कानसिंह राजगुरु ने कहा कि पेड़-पौधे ग्रामीण क्षेत्र में आजीविका का साधन है, इससे कई प्रकार की जड़ी बूटियां प्राप्त की जा सकती है।
झांफली कला के पूर्व सरपंच रहीम खान ने कहा कि पेड़-पौधे पर्यावरण का सौंदर्य बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । मंजू चौधरी ने कहा कि पेड़-पौधों का संरक्षण करें। उपस्थित सभी ने एक-एक पौधा लगा विकसित करने की शपथ ली। डॉ. कुंदनदान चारण, भूअभिलेख निरीक्षक भारूराम, पटवारी बाबूराम, विश्वहिंदू परिषद के हिंदूसिंह कोटडिया, खेताराम, जयनारायण, धीरेन्द कुमार, पर्बतङ्क्षसह, हरिनाथ स्वामी, महिपालसिह उपस्थित रहे।
कोटड़ा (शिव). राजस्थान पत्रिका के हरयाळो राजस्थान अभियान के तहत रविवार को नवज्योति शिक्षण संस्थान राणेजी की बस्ती में पौधे लगाए गए। कोटड़ा मठाधीश केदारगिरी के सान्निध्य व संस्थान अध्यक्ष सज्जनसिंह, कंवराजसिंह, अगरसिंह, सवाईसिंह, गोविंदसिंह, दानसिंह, संस्थान सचिव प्रेमसिंह, हनुमानसिंह, लूणाखां के आतिथ्य में कार्यक्रम हुआ। केदारगिरी ने कहा कि वनस्पति जीवन का आधार है, जिसे बनाए रखना मानव का दायित्व है। विद्यालय व्यस्थापक दिग्विजयसिंह ने पौध संरक्षण की शपथ दिलाई।
सिणधरी. राजाराम कलबी समाज छात्रावास परिसर में रविवार को पत्रिका के हरयाळो राजस्थान अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। पंचायत समिति सदस्य मेंहराराम के सान्निध्य में अभियान को सफल बनाते हुए पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर हंसराज प्रजापत, जुगताराम प्रजापत मौजूद थे।
पौधारोपण कर दिया हरियाली का संदेश
बायतुु. बायतु भोपजी ग्राम पंचायत में स्थित रेलवे स्टेशन परिसर में रविवार को पौधारोपण किया गया। इस मौके पर स्टेशन मास्टर बेचन चौरसिया, सत्यनारायण मेवाड़ा, भूपाराम कोडेचा, हबीब खां, ललित कुमार, पंकज कुमार ने पौधरोपण किया। सत्यनारायण मेवाड़ा ने कहा कि पेड़-पौधे पर्यावरण संतुलन को लेकर महती भूमिका निभाते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगा उसके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। स्टेशन मास्टर बेचन चौरसिया ने कहा कि पेड़-पौधों से हरियाली मे बढ़ोतरी होती है।
गुड़ामालानी. उपखंड क्षेत्र के गांवों में शनिवार देर रात कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बरसात हुई। बांड,छोटू,मौखवा, गोलिया गर्वा, मंगले की बेरी सहित कई गांवों में बारिश होने से किसानों के चेहरे दमक उठे हैं। तापमान में गिरावट पर गर्मी व उमस से लोगों ने राहत महसूस की। रविवार को दिन भर आसमान के बादलों से घटाटोप रहने से मौसम खुशगवार रहा। मानसून की पहली बारिश के साथ ही खरीफ की बुवाई शुरू हो गई। अलसुबह से ही किसान खेतों में पहुंच झाडिय़ां काटकर सफाई करने के साथ ट्रैक्टरों से बुवाई कर रहे हैं। खाद व बीज की दुकानों पर किसान बाजरा, ग्वार,मूंग, मोठ व तिल के बीज की खरीदारी कर रहे हैं।
पौधरोपण कर रखीं डोली भूमि विकास की नींव
सिणधरी. करणा गांव में रावल मल्लीनाथ के नाम 226 बीघा डोली भूमि है,्र जिसके विकास को लेकर डोली भूमि पर रात्रि जागरण का आयोजन हुआ। सिणली मठाधीश शंकरभारती, जसोल रावल किशनसिंह, सिणधरी रावल विक्रमसिंह, रावल दलपतसिंह, रावल देवीसिंह की उपस्थिति में धर्मसभा हुई। इसमें स्थानीय गांवों के साथ सहित जिले के लोगों ने भाग लिया। सरपंच सूराराम नेण की उपस्थिति में नीम के पौधे लगाकर डोली भूमि पर विकास की नींव रखी गई। इस मौके पर कल्याण सिंह नोसर, गुलाबसिंह डण्डाली, अर्जुनसिंह भूका थानसिंह, मूलाराम, बांकसिंह, लिखमाराम, रतनभारती आदि मौजूद थे।
Published on:
16 Jul 2018 06:02 pm
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