
महेंद्र त्रिवेदी
राजस्थान रोडवेज की ओर से ग्रामीण लोक परिवहन सेवा के तहत बसें अब गांव-गांव तक पहुंचेगी। इसके लिए प्रबंधन तैयारी कर रहा है। प्रदेश के आगारों में जरूरत के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र के मार्गों पर बसें सचालित की जाएगी। कुल 365 बसों का संचालन प्रस्तावित है। ग्रामीण लोक परिवहन सेवा के तहत निजी ऑपरेटर बसों को चलाएंगे। बसों को ट्रेक करने के लिए जीपीएस लगाए जाएंगे।
राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों पर रोडवेज का संचालन हो रहा है, अब ग्रामीण क्षेत्र के मार्ग और स्टेट हाइवे पर ग्रामीण लोक परिवहन सेवा की बसें दौड़ती नजर आएगी। रोडवेज प्रबंधन ने रूट तय करके टेंडर जारी कर दिए है। मार्च के पहले सप्ताह में प्रकिया पूरी करने के बाद ग्रामीण मार्गों पर बसें संचालित करने की योजना है। रैवेन्यू शेयरिंग मॉडल के आधार पर बसों को संचालित किया जाएगा।
ग्रामीण मार्ग पर संचालित होने वाली बसें ग्राम पंचायत मुख्यालयों तक जाएंगी। ऐसे में ग्रामीणों को ग्रामीण लोक परिवहन सेवा की सुविधा घर के पास ही मिल जाएगी। जबकि वर्तमान में रोडवेज की बहुत कम बसें ग्रामीण मार्गों पर चलती है। रोडवेज के नए प्लान में अधिकांश ऐेसी ग्राम पंचायतें शामिल की गई है, जहां पर रोडवेज बसों का संचालन पहली बार होगा। साथ ही रोडवेज की तरह ही यात्रियों को मिलने वाली रियायतें और सुविधाएं भी मिलेगी।
प्रदेश के डिपो में बाड़मेर और उदयपुर दोनों डिपो के माध्यम से 16-16 बसों का संचालन रूरल रूट पर होगा। वहीं सबसे कम 2 बसें आबूरोड़ डिपो को मिलेगी। रोडवेज के 48 डिपो से बसों के संचालन की तैयारी है। इसमें कई मार्ग ऐसे हैं भी जिनकी दूरी 20 किमी या उससे भी कम है। वहां पर भी बसें चलाई जाएगी।
ग्रामीण मार्गों पर संचालित होने वाली 22 सीटर डीलक्स बसें होंगी। बसों का रजिस्ट्रेशन 1 अप्रेल 2020 के बाद का होना जरूरी है। साथ ही वाहन बीएस-6 स्टैंडर्ड का होना चाहिए। बसों का संचालन प्रतिदिन कम से कम एक और अधिकतम 10 ट्रिप करने होंगे। मार्ग 20 किमी से कम होने पर 8 और 250 से अधिक की दूरी के रूट पर एक ट्रिप का संचालन किया जाएगा।
Updated on:
07 Feb 2025 08:47 am
Published on:
07 Feb 2025 08:47 am
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