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गेर की धमचक में झूमा लाखेटा, मेले में उमड़ा जन सैलाब

- गेरियों ने आकर्षक नृत्य से मनमोहा - श्रद्धालुओं ने किए संतोष भारती महाराज की समाधि के दर्शन

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ger fair,lakheta village

a big crowd in the ger fair in lakheta village

समदड़ी.कोटड़ी ग्राम पंचायत के लाखेटा गांव में संतोष भारती महाराज के समाधि स्थल पर रविवार को गेर मेला भरा। इसमें समदड़ी, कोटड़ी, तिरगटी, बुडऱ्, करमावास, लालिया, मजल, कम्मों का बाड़ा, सेवाली, छियाली, खण्डप, राखी, मोतीसरा, सिवाना, भंवरानी, सामुजा, ढींढस, खरंटिया, रामपुरा, मियों का बाड़ा, पातों का बाड़ा, अजीत, खेजडिय़ाली, होतरड़ा, भलरों का बाड़ा, भानावास, रानीदेशीपुरा, गिराद का ढाणा, कल्याणपुर, घड़ाई, बागलोप ढाणा, मेली, लालाना, सांवरड़ा, बामसीन, सिलोर, जेठन्तरी, अर्थण्डी, रातड़ी सहित आस-पास के दर्जनों गांवों से हजारों ग्रामीणों ने भाग लिया। कई ग्रामीण पैदल ही मेले में पहुंचे। श्रद्वालुओं ने संतोष भारती के समाधि स्थल पर पूजा कर दर्शन लाभ लिया। समाधि स्थल की परिक्रमा लगाकर सुखमय जीवन व क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। मेले में शान्ति व्यवस्था के लिए थानाधिकारी चन्द्रसिंह भाटी के नेतृत्व में पुलिस जाप्ता तैनात रहा।

गेर नृत्य की धूम
लाखेटा मेले में बहुरंगी वेषभूषा में सजे-धजे गेर नर्तकों ने ढोल की ढमकार, थाली की टंकार, घुंंघरुओं की रुणझुण व डांडियों के नांद पर गेर नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। मेले में 3 गेर नृत्य दलों ने भाग लिया। जैसे-जैसे ग्रामीणों की तादाद बढ़ती गई, गेर नर्तकों का उत्साह भी बढ़ता गया। नर्तकों की लयबद्ध प्रस्तुतियों ने मेले में अमिट छाप छोड़ी। ढोलवादक भी कलाओं का प्रदर्शन करने में पीछे नहीं रहे।

लालिया गेर दल अव्वल
डांडिया गेर नृत्य में लालिया गेर दल प्रथम, चौदरा माता गेर दल बामसीन द्वितीय एवं दिवान्दी का गेर दल तीसरे स्थान पर रहा। ढोलवादन में खेताराम लालिया प्रथम, मंगलाराम बामसीन द्वितीय एवं रविकुमार दिवान्दी तृतीय स्थान पर रहे। गेर दलों व ढोल वादकों को मेला कमेटी की ओर से पुरस्कृत किया गया।

सजा हाट बाजार
मेला स्थल के हाट बाजार में किराणा, प्रसाद, खिलोने, फैन्सी मणिहारी की विभिन्न दुकानें सजी। इनमें बच्चों, महिलाओं व ग्रामीणों ने जमकर खरीदारी की। साथ ही झूलों का आनंद उठाया। मौत के कुएं में बाइक व कार चालक ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। सर्कस में भी दर्शकों की भीड़ उमड़ी।

मेले परम्परा के प्रतीक
इस दौरान हुए समारोह में राजस्व राज्यमंत्री अमराराम चौधरी ने कहा कि मेले हमारी प्राचीन संस्कृति व लोक परम्परा के प्रतीक हैं। इससे धार्मिक आस्था जुड़ी है। सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी ने कहा कि मेला हमारी लोक परम्परा का केन्द्र है। इसे जीवित रखने में हम सभी को मिलजुलकर प्रयास करने होंगे। विधायक हमीरसिंह भायल ने कहा कि मेलों से आपसी प्रेम व भाईचारा बढ़ता है। उन्होंने कहा कि सिवाना-समदड़ी-कल्याणपुर-बालेसर तक सड़क पर 320 करोड़ रुपए खर्च होंगे। सरकार ने इसकी स्वीकृत जारी कर दी है। प्रधान पिंकी चौधरी ने समदड़ी में डिस्कॉम के सहायक अभियन्ता कार्यालय की आवश्यकता जताते हुए लाखेटा में सीसी सड़क के लिए दस लाख रुपए देने की घोषणा की। पूर्व जिला प्रमुख बालाराम चौधरी ने कहा कि लूनी नदी में आने वाले प्रदूषित पानी को नहीं रोका गया तो आने वाले समय में हालात विकट हो जाएंगे। महन्त निर्मलदास महाराज व मेला कमेटी अध्यक्ष कानसिंह कोटड़ी ने भी विचार व्यक्त किए।

ये रहे मौजूद
तहसीलदार सुरेन्द्रसिंह खंगारोत, पूर्व प्रधान मूलसिंह भायल, जिप. सदस्य इन्दाराम चौधरी, सरपंच संघ अध्यक्ष लादूराम विश्रोई, खेतसिंह मवड़ी, हनवन्तसिंह रामपुरा, भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष बाबूसिंह राजगुरु, उपप्रधान लक्ष्मणसिंह, भाजपा मण्डल महामंत्री रामसिंह करनोत, पूर्व मण्डल अध्यक्ष बाबूलाल परिहार, मेला कमेटी सचिव हनवन्तसिंह लालिया, उप सरपंच मांगीलाल चौधरी, कांग्रेस सेवा दल प्रदेश संगठन मन्त्री हुकमसिंह अजीत, गोपालसिंह करणोत रातड़ी, भाजपा एससी मोर्चा मण्डल अध्यक्ष लुम्बाराम मेघवाल, करमावास सरपंच अशोक व्यास, बामसीन सरपंच उम्मेदराम चौधरी, मजल सरपंच मंजू वर्मा, खेजडिय़ाली सरपंच ममता भील, सेवाली सरपंच ज्योति मेघवाल, ढींढस सरपंच देवकिशन श्रीमाली, खेतसिंह कोटड़ी, कोटड़ी सरपंच हीरालाल, प्रदीप व्यास आदि मौजूद थे।