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आधार कार्ड अब बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। नोटबंदी के बाद आधार कार्ड का लिंक बैंक खाते से हो रहा है। अन्य कई जगह भी अब यह कार्ड मायने रखता है लेकिन आधार कार्ड बनाने के लिए बड़ी मुश्किल सामने आ रही है। सरकारी व्यवस्थाओं में जिनको जिम्मा दिया गया है वे बड़ी गैर जिम्मेदारी से अपने पास आने वाले को ई मित्र का रास्ता दिखा रहे हैं। ई मित्र संचालक आधार कार्ड के लिए समय नहीं निकाल रहे हैं और आम आदमी इसके लिए भटक रहा है।
पत्रिका टीम ने इस स्थिति को खंगाला तो सामने आया कि आधार कार्ड अब कमाई का साधन बन गया है और आम आदमी इसके लिए परेशान है। पत्रिका टीम ने बुधवार को जिला मुख्यालय सहित आसपास के कस्बों में आधार कार्ड बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्था के बारे में पड़ताल की तो सामने आया कि यहां पंचायत समिति में बनाया गया सेंटर महीनों से बंद पड़ा है। यहां पहुंचने वाले लोगों को ई-मित्र पर भेजा जा रहा है। इससे आमजन आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया को लेकर असमंजस की स्थिति है।
सेंटर पर टीम पहुंची तो बोले- ई-मित्र पर जाओ
आमजन की शिकायत पर पत्रिका टीम बुधवार को आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया के तहत पंचायत समिति पहुंची। जहां बताया कि कॉमन सर्विस सेंटर के रूम में बन रहे हैं। वहां पहुंचे तो रूम बंद पड़ा था। बाहर ई-मित्र पर उपलब्ध सेवाओं को लेकर सूची चस्पा कर रखी थी, लेकिन आधार कार्ड नहीं बनाए जा रहे थे। जब वहां पूछा तो बताया कि यहां पर कोई आधार नहीं बनाए जाते। पंचायत समिति के बाहर महादेव कम्प्यूटर्स पर बना रहे हैं। वहां पहुंचे तो बताया गया कि आज टाइम नहीं है, कल आना। पत्रिका टीम ने शहर के कई ई-मित्र केन्द्रों पर जाकर आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया को लेकर हालात जाने तो अधिकांश ई-मित्र संचालक आधार कार्ड बनाने को लेकर मना करते नजर आए।
पूर्व में लगे थे शिविर
आधार कार्ड बनाने के लिए पूर्व में जिला प्रशासन की ओर से शहर व गांव में शिविर लगा कर कार्ड बनाने के लिए व्यवस्था लागू की थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होने से लोग बार-बार चक्कर लगा रहे हैं।
30 रुपए दर, 100 की वसूली
आधार कार्ड के लिए तीस रुपए निर्धारित दर है लेकिन ई मित्र संचालकों की ओर से सौ रुपए तक वसूले जाते हैं। वो भी तब बनाएंगे जब फुर्सत होगी।
यह चाहिए दस्तावेज
आधार कार्ड बनाने के लिए राशनकार्ड की प्रति और मतदाता पहचान पत्र (इपिक) या अन्य पहचान पत्र की जरूरत रहती है।
बीडीओ जिम्मेदार
आधार कार्ड नि:शुल्क है। पंचायत समिति स्तर पर विकास अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार है। जिला मुख्यालय पर भी संपर्क कर सकते हैं। जहां कहीं पर भी आम आदमी परेशान है तो गलत है। बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा जाए कि आधार कार्ड का पंजीयन यहां होता है।- ओपी विश्नोई, अतिरिक्त जिला कलक्टर
ई-मित्र कर रहे अवैध वसूली
शिव. उपखंड मुख्यालय पर संचालित ई-मित्र कियोस्क धारकों द्वारा आधार कार्ड पंजीयन के लिए राशि वसूलने का मामला सामने आया है। गौरतलब है कि वर्तमान में निजी विद्यालयों को छात्रों के ऑनलाइन डाटाबेस में आधार कार्ड के क्रमांक भी मागे जा रहे हैं। इसकी अनिवार्यता के चलते कस्बे के ई-मित्र केन्द्रों पर नए आधार कार्ड पंजीकरण एवं पुराने कार्ड में संशोधन को लेकर खासा जमावड़ा नजर आ रहा है।
बालोतरा : मनमर्जी से वसूली
कई जगह आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद वंचित रहे लोगों को आधार कार्ड बनवाने के लिए जेब ढीली करनी पड़ रही है। सरकारी स्तर पर आधार कार्ड बनाने की सुविधा नहीं मिलने पर लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही है। ई-मित्र केन्द्रों पर आधार नामाकंन के 50 से 150 रुपए तक वसूले जा रहे हैं। पत्रिका टीम ने बुधवार को आधार नामाकंन केन्द्रों पर पहुंच जायजा लिया तो ई-मित्र संचालक मनमर्जी की वसूली करते देखे गए। पत्रिका टीम बुधवार दोपहर 3:30 बजे न्यायालय परिसर के सामने आधार नामांकन का पूछा तो संचालक ने बताया 30 रुपए नामाकंन करवाने का शुल्क है। जब उसे पूछा कि ई-मित्र केन्द्र पर नि:शुल्क बनाए जाते हैं, तो संचालक ने बताया कि हमारे यहां पर यही दरे नियत है। वहीं इसके समीप स्थित एक अन्य केन्द्र से आधार नामांकन करवाने वाले कुछ लोगों ने बताया कि 100 रुपए आधार नामांकन करवाने के लिए जा रहे हैं।
रिपोर्ट: बाड़मेर से भवानीसिंह राठौड़/ बालोतरा से दलपत धतरवाल/ शिव से कानाराम गोयल
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