10 हजार रेत के कट्टों की व्यवस्था
जिला प्रशासन ने भूमि के कटाव को रोकने व आबादी क्षेत्र को डूबने से बचाने के लिए 10 हजार 500 रेत के कट्टों का इंतजाम किया गया है। जिसमें 3 हजार 500 कट्टें रेत से भरे हुए है, इसके अलावा 7 हजार कट्टे खाली है। यह जरुरत के अनुसार तहसील मुख्यालय पर उपलब्ध करवाए गए है।
जिम्मेदारी तय, नियंत्रण कक्ष स्थापित
जिला प्रशासन ने थार के रेगिस्तान में चक्रवात, अचानक बादल फटने या अतिवृष्टि से लूणी नदी के कैचमेंट में पानी भराव केचलते बाढ़ के हालात उत्पन्न होने की संभावना को देखते हुए सभी विभागों की बैठक बुलाकर जिम्मेदारी तय करने के साथ-साथ बचाव के आवश्यक निर्देश दिए गए है। साथ ही संसाधनों की उपलब्धा को लेकर जिम्मेदार अधिकारी भी नियुक्त किए गए है। इसके अलावा नियंत्रण कक्ष स्थापित कर 24 घण्टें मॉनिटरिंग की जा रही है।
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इन गांवों में जलभराव का खतरा
तहसील - खतरे में गांव
गुड़ामालानी - 25
पचपदरा - 49
सिवाना - 14
बाड़मेर - 53
रामसर - 07
शिव - 15
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- पुख्ता इंतजाम किए है
विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाकर निर्देश जारी कर दिए है। नागरिक सुरक्षा में 24 सदस्यों की टीम तैनात कर दी गई है। संसाधन ठीक करवा दिए है। लूणी नदी में पानी के भराव को देखते हुए वहां पर पुख्ता इंतजाम है। बारिश के हालात से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम है। - ओमप्रकाश विश्रोई, अतिरिक्त जिला कलक्टर, बाड़मेर
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