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बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन तैयार, किसानों को बारिश का इंतजार, जानिए पूरी खबर

- आपदा प्रबध्ंन को लेकर पुख्ता इंतजाम का दावा
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बाड़मेर

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bhawani singh

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Updated: 28 Jul 2021, 7:43 PM IST

Barmer news

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बाड़मेर. थार के रेगिस्तान में वर्ष-2006 में कवास की बाढ की बड़ी विपदा का सामना कर चुका जिला प्रशासन इस बार बाढ बचाव की तैयारी को लेकर अलर्ट है। बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर तैराक की सूची के साथ-साथ आवश्यक संसाधनों की टोह भी ली गई है। साथ ही नागरिक सुरक्षा बाड़मेर में 24 सदस्यों की टीम भी अलर्ट मोड पर है। इधर, बारिश समय पर नहीं होने से किसान बेसब्री से इंतजार कर रहे है।


41 तैराक प्रशिक्षित है तैयार
जिला प्रशासन के पास 129 तैराकों की सूची तैयार है। इसके अलावा तत्काल बाढ़ बचाव के लिए प्रशिक्षित तैराक व नाव चालक 41 उपलब्ध है। इसके अलवा गृह रक्षा के 9 स्वयंसेवक है, जिन्हें तैरना आता है।


नाव या अन्य संसाधनों स्थिति
सिंचाई विभाग के पास दो नाव इंजन वाली उपलब्ध है। जिसमें एक नॉव बालोतरा नगर परिषद व एक कलेक्ट्रेट में उपलब्ध है। को सुपुर्द की गई है, 17 लाईफ जैकेट उपलब्ध है। जिसमें 12 बाड़मेर जिला मुख्यालय व 5 बालोतरा नगर परिष्क्षद के पास है। इसके अलावा पुलिस 16, नागरिक सुरक्षा 5 व गृहरक्षा प्रशिक्षण केन्द्र में 8 जीवन रक्षक जैकेट उपलब्ध है।


24 सदस्यों की टीम तैनात
नागरिक सुरक्षा बाड़मेर के 24 सदस्यों की त्वरित कार्यवाही दल का गठन किया गया है, जो 24 घण्टें नियमित रूप से तैना है। इनके पास लाईफ जैकेट, लाईफ बॉय, हेलमेटर सहित अन्य संसाधन उपलब्ध करवाए गए है।


10 हजार रेत के कट्टों की व्यवस्था
जिला प्रशासन ने भूमि के कटाव को रोकने व आबादी क्षेत्र को डूबने से बचाने के लिए 10 हजार 500 रेत के कट्टों का इंतजाम किया गया है। जिसमें 3 हजार 500 कट्टें रेत से भरे हुए है, इसके अलावा 7 हजार कट्टे खाली है। यह जरुरत के अनुसार तहसील मुख्यालय पर उपलब्ध करवाए गए है।
जिम्मेदारी तय, नियंत्रण कक्ष स्थापित
जिला प्रशासन ने थार के रेगिस्तान में चक्रवात, अचानक बादल फटने या अतिवृष्टि से लूणी नदी के कैचमेंट में पानी भराव केचलते बाढ़ के हालात उत्पन्न होने की संभावना को देखते हुए सभी विभागों की बैठक बुलाकर जिम्मेदारी तय करने के साथ-साथ बचाव के आवश्यक निर्देश दिए गए है। साथ ही संसाधनों की उपलब्धा को लेकर जिम्मेदार अधिकारी भी नियुक्त किए गए है। इसके अलावा नियंत्रण कक्ष स्थापित कर 24 घण्टें मॉनिटरिंग की जा रही है।
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इन गांवों में जलभराव का खतरा
तहसील - खतरे में गांव
गुड़ामालानी - 25
पचपदरा - 49
सिवाना - 14
बाड़मेर - 53
रामसर - 07
शिव - 15
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- पुख्ता इंतजाम किए है
विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाकर निर्देश जारी कर दिए है। नागरिक सुरक्षा में 24 सदस्यों की टीम तैनात कर दी गई है। संसाधन ठीक करवा दिए है। लूणी नदी में पानी के भराव को देखते हुए वहां पर पुख्ता इंतजाम है। बारिश के हालात से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम है। - ओमप्रकाश विश्रोई, अतिरिक्त जिला कलक्टर, बाड़मेर
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