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मुरलीधर महाराज ने कथा में आने का निमंत्रण दिया था, करंट लगने से हुई मौत

अविनाश पारीक बाड़मेर जिले के जसोल में हुए हादसे का शिकार ( Pandal Collapse in Barmer ) बन गया। करंट लगने से मौत हो गई। अविनाश रविवार दोपहर को कथा सुनने घर से अपनी कार में निकला।

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Avinash Pariq's death in Jasol accident

Avinash Pariq's death in Jasol accident

बाड़मेर. ‘कथा सुनने यहां काफी संख्या में श्रद्धालु आए हुए हैं...शायद तूफान आ रहा है...टेंट उड़ रहा है...मैं आपको बाद में फोन करता हूं...’ यह कहकर फोन काट दिया...इसके कुछ सेकण्ड बाद ही जोधपुर निवासी अविनाश पारीक बाड़मेर जिले के जसोल (jasol) में हुए हादसे का शिकार ( Pandal Collapse in Barmer ) बन गया। करंट लगने से मौत हो गई। अविनाश रविवार दोपहर को कथा सुनने घर से अपनी कार में निकला।

बाद में उसने एक टैक्सी किराए पर ली। हादसे में टैक्सी चालक प्रतापपुरी भी घायल हो गया। उसे यहां एमडीएम चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। हादसे में गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को रविवार रात आठ बजे बाड़मेर से जोधपुर लाया गया। इनमें तीन को एमडीएम अस्पताल व दो को एम्स में भर्ती करवाया गया।

शहर के शास्त्रीनगर के सेक्टर-बी में रहने वाले गैस एजेंसी संचालक व जिला क्रिकेट एसोसिएशन के संयुक्त आयोजन सचिव अविनाश पारीक (40) पुत्र रमेशचंद्र सत्संग प्रेमी थे। मुरलीधर महाराज की कथा सुनने के लिए कई बार अकेले ही अविनाश घर से निकल जाता था। रविवार दोपहर को भी उसने पहले दोस्तों के साथ खाना खाया, फिर जसोल के लिए निकल गया। जसोल में कथा सुनते समय वह मोबाइल पर निरंतर परिजनों के संपर्क में था।

पोल पकडकऱ बचने का किया प्रयास

हादसे से कुछ समय पहले ही अविनाश ने परिजनों को कथा और वहां जुटी भीड़ के बारे में बताया। इसी दौरान तेज आंधी आने लगी। इस पर अविनाश ने परिजनों से कहा कि तूफान आने के कारण पांडाल का टेंट उड़ रहा है, यह कहकर फोन काट दिया। वहां शामियाना गिरने पर लोगों ने लोहे के पोल को पकड़ बचने का प्रयास किया। पोल में करंट की चपेट में आने से अविनाश समेत 14 लोगों की मौत हो गई।

मुरलीधर महाराज ने कथा में आने का निमंत्रण दिया था

अविनाश के दोस्तों ने बताया कि (Murlidhar. sant ) मुरलीधर महाराज ने कुछ दिन पहले अविनाश को जसोल में होने वाली (shriram ktha) कथा के बारे में बताया और वहां आने का निमंत्रण दिया था। इस पर उसने अपने दोस्तों को शुक्रवार को ही बता दिया कि वह नौ दिन लगातार कथा सुनने जाएगा। वह प्रतिदिन दो से तीन घंटे अपने दोस्तों के साथ बिताता। इधर अविनाश के निधन की सूचना मिलने के बाद उसके घर सांत्वना देने काफी संख्या में लोग पहुंचे। महापौर घनश्याम ओझा भी परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे।

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