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बाड़मेर जिले का 87.62 रहा दसवीं का परिणाम

कुल उत्तीर्ण- 36531प्रथम श्रेणी- 13646द्वितीय श्रेणी- 16361तृतीय श्रेणी -6524प्रतिशत-87.62

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बाड़मेर जिले का 87.62 रहा  दसवीं का परिणाम

बाड़मेर जिले का 87.62 रहा दसवीं का परिणाम

जिले का दसवीं का परीक्षा परिणाम 87.62 प्रतिशत रहा है, जो प्रदेश में पांचवें स्थान पर है। इस बार छात्रों ने छात्राओं से अधिक परिणाम दिया है। जिले की मयूर नोबल्स एकेडमी विद्यालय की छात्रा सोनू ने 98.33 प्रतिशत अंक हासिल किए है।


बाड़मेर .
परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद टॉप प्रतिशतांक लाने वाले विद्यार्थियों ने कड़ी मेहनत का परिणाम बताया है। प्रशासनिक सेवा व चिकित्सक बनने की तमन्ना रखने वाले विद्यार्थियों ने आगे भी इसी मेहनत से पढऩे और ललक को कभी खत्म नहीं करने की बात कहते हुए प्रेरित किया है।
दसवीं परीक्षा में
परीक्षा पर बैठे
छात्र-23293
छात्राएं-18304
कुल-41597
------------
छात्र उत्तीर्र्ण
प्रथम श्रेणी- 7821
द्वितीय श्रेणी- 8920
तृतीय श्रेणी-3753
योग- 20494
प्रतिशत- 87.98
---------
छात्राएं उत्तीर्ण
प्रथम श्रेणी- 5825
द्वितीय श्रेणी- 7441
तृतीय श्रेणी- 2771
योग- 16037
प्रतिशत-87.61
-------------
कुल उत्तीर्ण- 36531
प्रथम श्रेणी- 13646
द्वितीय श्रेणी- 16361
तृतीय श्रेणी -6524
प्रतिशत-87.62

प्रतिभाराज ने 98.33 प्रतिशत अंक

दसवीं बोर्ड में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सोनड़ी की छात्रा प्रतिभाराज ने 98.33 प्रतिशत अंक हासिल कर अपने नाम के अनुरूप गुण को गौरवान्वित किया। परिणाम आया तो कोटा में नीट की तैयारी कर रही प्रतिभा ने कहा कि सफलता का मूलमंत्र पढ़ाई है । पढ़ाई कितनी करनी है यह सवाल ही नहीं है। पढाई ही करनी है। लगातार और नियमित। चिकित्सक बनने का सपना देखने वाली प्रतिभा अपनी प्रेरणा पिता मंगलाराम को मानती है । व्याख्याता पिता को अपनी बेटी की उपलब्धि पर नाज है। वे कहते है कि बेटियों का आज है, यह प्रतिभा ने साबित किया। साधारण परिवार की प्रतिभा की असाधारण प्रतिभा को पहचानकर ही परिजनों ने उसकी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया।

पिता होमगार्ड में आरक्षक, बेटे के 97.67 प्रतिशत
बाड़मेर पत्रिका.
दसवीं बोर्ड में 97.67 अंक हासिल करने वाले रोहित चौधरी का लक्ष्य अब चिकित्सक बनने का है। रोहित के पिता तेजाराम चौधरी होमगार्ड में आरक्षक है। माता जेठी देवी एक गृहणी है। ईशरोल गांव का रोहित सामाजिक विज्ञान में 100 मे से 100 अंक लाया है। उसकी प्रेरणा बड़ा भाई नरेश चौधरी है जो अभी दिल्ली के हिन्दू कॉलेज में पढ़ रहा है। मयूर नोबल्स एकेडमी के शिक्षकों को अपनी सफलता का श्रेय देता है।

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