9 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बाड़मेर में है 10 सिर का रावण, जानकर आप भी चौंक जाएगें, पढिए पूरी खबर

सिर उठाए खड़ा इन 10 बुराइयों का रावण  

2 min read
Google source verification
Barmer has 10 heads of Ravan

Barmer has 10 heads of Ravan

बाड़मेर. दशहरे पर हर साल रावण दहन के साथ उसकी दस बुराई के प्रतीक सिर धराशायी होते हैं। अच्छाई की जीत में बुराइयों का नाश नजर आता है लेकिन थार में दस बुराइयां ऐसी हैं जो सिर उठाकर खड़ी हैं। सामाजिक ताने-बाने और शांत थार के लिए ये बुराइयां रावण का कार्य कर रही हैं। इस बार दशहरे पर क्यूं नहीं इन बुराइयों को मिटाने का संकल्प करें।

1. महिला आत्महत्या- जिले में यह सबसे बड़ी बुराई है। महिलाएं पारिवारिक कलह में आत्महत्या का कदम उठा रही हैं। साल में करीब 175 आत्महत्याएं हो रही हैं, इसमें अधिकांश विवाहिताएं हैं। इसमें भी बच्चों को मारकर खुद मरने के मामले तो और भी हृदय विदारक हैं। सामाजिक ताने-बाने में बढ़ रही दूरियां इसकी वजह बन रही हैं।

2. नशा और तस्करी- जिले में दो करोड़ रुपए की सालाना शराब की बिक्री हो रही है। अवैध शराब इसके अतिरिक्त है। डोडा पोस्त का सेवन भी करोड़़ों में है। अब तो चरस, गांजा व स्मैक का नशा भी युवाओं को आगोश में ले रहा है।
3. दहेज प्रताडऩा- जिले में दहेज प्रताडऩा के मामले भी हर हफ्ते दो तीन आ जाते है। टांके में गिरकर मरने वाली महिलाओं में भी दहेज हत्या के आरोप लग रहे हैं। कई जातियों में दहेज का यह आलम है कि सगाई भी लाखों के टीका तय होने पर होती है। शर्म की बात यह है कि जो जितना पढ़ा लिखा उसका उतना ज्यादा टीका।

4. अस्वच्छता- बाड़मेर शहर ही नहीं जिलेभर में अस्वच्छता बड़ी बुराई है। यहां 489 पंचायतों में से अभी भी 200 से अधिक पंचायतें खुल में शौच से मुक्त नहीं हुई हैं। बाड़मेर और बालोतरा नगरपरिषद क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।
5. बेटियों की अशिक्षा- लिंगानुपात को लेकर तो बाड़मेर में स्थिति सुधरी है लेकिन बालिका शिक्षा को लेकर अभी भी स्थिातियां अच्छी नहीं हैं। चालीस प्रतिशत बेटियां आठवीं में ही विद्यालय छोड़ जाती हैं।

6. मृत्युभोज- जिले में मृत्युभोज बहुत बड़ी बुराई है। लाखों रुपए गरीब परिवारों को केवल सामाजिक प्रतिष्ठा और परंपरा बचाने की मजबूरी में खर्च करने पड़ रहे हैं।

7. बाल विवाह- लाख दावे किए जा रहे है कि बाल विवाह पर प्रतिबंध है लेकिन वास्तव में जिले में बाल विवाह हो रहे है। मृत्युभोज पर होने वाले बाल विवाह पर पाबंदी नहीं लग रही है।

8. दुष्कर्म और यौन उत्पीडऩ- बलात्कार और दुष्कर्म के मामले भी बाड़मेर में लगातार बढे हैं। बच्चों के साथ यौन उत्पीडऩ की घटनाएं भी हुई हैं। विकृत मानसिकताओं के लोगों की यह प्रवृत्ति बढ़ रही है।
9. साइबर क्राइम- अब एक नई बुराई समाज में पनप रही है साइबर क्राइम। अपराधियों का नेटवर्क इसके जरिए न केवल अपराध बढ़ा रहा है सीमावर्ती क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर भी साइबर क्राइम चिंता बना हुआ है।

10. सामाजिक भेदभाव- शिक्षा की दृष्टि से पिछड़े जिले में सामाजिक भेदभाव बड़ी बुराई है। जातिगत आधार पर अस्पृश्यता को लेकर दलित अत्याचार और उत्पीडऩ के मामले खत्म नहीं हो रहे हैं।

बड़ी खबरें

View All

बाड़मेर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग