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जानलेवा तनाव या अवसाद! बाड़मेर में 17 दिन में प्रेमी युगल के जान देने की तीसरी सनसनीखेज घटना

प्रेमी-युगल के सामूहिक आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ रहे सामाजिक स्तर पर चिंताजनक बनी स्थिति

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जानलेवा तनाव या अवसाद! बाड़मेर में 17 दिन में प्रेमी युगल के जान देने की तीसरी सनसनीखेज घटना

बाड़मेर. थार में प्रेम-प्रसंग के चलते सामूहिक आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यहां अंधा प्रेम जानलेवा बनता जा रहा है। सामूहिक आत्महत्या के मामलों ने सामाजिक स्तर पर चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी है। जिले में पिछले 17 दिनों में तीसरी सामूहिक आत्महत्या की घटना रविवार को सामने आई। सदर थाना क्षेत्र के नोख गांव के पास अणखिया सरहद में दो दिन से गायब विवाहिता ने अपने प्रेमी के साथ फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पेड़ पर शव लटकते देख लोगों ने पुलिस को सूचित किया। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच लंबे समय से पे्रम-प्रसंग चल रहा था।
सदर थानाधिकारी किशनलाल के अनुसार जेताणियों की ढाणी (नोख) निवासी मघाराम (20) पुत्र भारूराम व लीला (18) पुत्री पुरखाराम शुक्रवार रात घर अपने-अपने घरों से गायब हो गए। दोनों ने गांव से दूर एक पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

एक पखवाड़े में अब तक छह जनों की जान चली गई। पिछले सात माह में प्रेम-प्रसंग के चलते सामूहिक आत्महत्या की 8 वारदातें सामने आई हैं।
दूर-दराज के धोरों में आबाद ढाणियों में सनसनीखेज वारदातें हो रही हैं। वारदात के बाद फौरी तौर पर मौत के कारण गिना दिए जाते हैं, लेकिन न तो कारणों की गहराई तक कोई जाता है, ना ही ऐसा प्रयास होता है कि ऐसी वारदातों की पुनरावृत्ति न हो। ऐसे में वारदातें सिलसिलेवार होती जा रही हैं।
रिश्तेदारी में बढ़ रहे हैं प्रेम-प्रसंग के मामले
इन मामलों को खंगालें तो दो-तीन मामले ऐसे थे, जिसमें प्रेमी-युगल रिश्तेदारी में भाई-बहन थे। जागरूक लोगों का मानना है कि ऐसे में सामाजिक स्तर पर ऐसे मामलों को गंभीरता से लेने की जरूरत है ताकि ऐसे अपराधों पर रोक लगाई जा सके।
7 माह में सामूहिक आत्महत्या की 8 घटनाएं
केस 1 - बालोतरा के पास 9 जुलाई की रात एक युवक-युवती ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। दोनों रिश्ते में भाई-बहन थे। उनके कब्जे से सुसाइड नोट मिला। जिसमें लिखा था कि लोगों के गलत नजर से देखने पर जान दे दी।
केस 2 - बीजराड़ थाना क्षेत्र के गौहड़ का तला गांव के पास 28 जून को एक प्रेमी युगल ने पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों के बीच लंबे समय से पे्रम-प्रसंग था।
केस 3 - चौहटन थाना क्षेत्र के लीलसर में 14 जून को प्रेमी-युगल ने देसी कट्टे से फायर कर आत्महत्या कर ली।
केस 4 - चौहटन थाना क्षेत्र के सनाऊ सरहद राणीसर में 3 अप्रेल को प्रेमी-युगल ने खेत में पेड़ पर फंदा लगाकर की आत्महत्या।
केस 5 - चौहटन क्षेत्र के आंटिया सरहद में गत 29 मार्च को टांके में नाबालिग छात्र-छात्रा ने कूद कर दी जान।
केस 6 - धोरीमन्ना थाना क्षेत्र में 12 जनवरी को बाखासर के युवक ने प्रेमिका के गांव राणासर में आत्महत्या कर ली।
केस 7 - गत 9 जनवरी को बालोतरा में युवक-युवती ने ट्रेन के आगे कूद कर आत्महत्या कर ली।
तनाव की वजह से बढ़ रहे मामले
सामूहिक आत्महत्याओं की घटनाएं ज्यादातर तनाव के चलते हो रही हैं। मोबाइल का दुरुपयोग भी मुख्य कारण है। सामाजिक परिवेश और यकायक आधुनिक हो रहे गांवों की नई पीढ़ी पर टीवी और इंटरनेट संस्कृति का असर पड़ रहा है। इसके अलावा फिल्मी डॉयलॉग का भी असर देखने में आ रहा है।
- डॉ. जीडी, कूलवाल, एसोसिएट प्रोफेसर, मेडिकल कॉलेज, जोधपुर