
बाड़मेर में मोबाइल ठीक करवाने वाले कम, नया खरीदने वाले ज्यादा
बाड़मेर. आजकल स्मार्ट फोन खराब होने पर उसे ठीक करवाने की मानसिकता कम हो गई है। लोग मामूली खराबी पर भी नया फोन लेना पसंद करते हैं और लेते भी है। खासकर युवा वर्ग नया स्मार्ट फोन की खरीददारी ज्यादा करता है। लेकिन इसमें 40-50 के बीच आयु वर्ग के भी खूब लोग मिल जाएंगे जो फोन खराब होने पर ठीक करवाने की बजाय नया लेते हैं। कई मामलों में तो मोबाइल ठीक होने में महीनों तक लग जाते हैं। इतना इंतजार कोई नहीं करना चाहता है।
मोबाइल आजकल केवल बातचीत का जरिया नहीं होकर बहुत ही महत्वपूर्ण उपकरण बन चुका है। स्मार्ट फोन तो अब काफी हद तक पीसी का काम कर रहा है। अब इसमें कुछ खराबी हो जाए तो पूरा काम ही ठप हो सकता है। कई लोगों की नौकरी की ऑनलाइन उपस्थिति से लेकर अन्य जरूरी मेल और प्रंजटेशन तक का काम स्मार्ट फोन से चलता है।
मरम्मत करवाई तीन महीने नहीं चला और फिर खराब
कई लोगों का कहना है कि उन्होंने मोबाइल खराब होने पर ठीक करवाया। इसमें काफी पैसे भी लगे लेकिन कुछ महीनों बाद वह फिर से खराब हो गया। अब उस पर पैसे लगे वो भी गए और अब नया फोन खरीदना पड़ा। इसके कारण अधिकांश दुकानदार भी ग्राहक को ठीक करवाने के बजाय नया लेने की सलाह देते हैं।
पहले केवल मरम्मत, फिर नए की बिक्री शुरू
कई दुकानदारों ने पहले केवल मोबाइल मरम्मत का काम शुरू किया। लेकिन लोगों की मानसिकता ठीक करवाने की बजाय नया लेने की बढऩे के चलते मरम्मत करने वाले दुकानदारों ने भी नए मोबाइल सेट बेचने शुरू कर दिए। उनका कहना है कि मरम्मत करवाने वाले बहुत ही कम है और नया खरीदने वाले ज्यादा है। इसलिए नए मोबाइल बेचने का फायदा मिल रहा है।
मोबाइल का बाजार नहीं रहता कभी सूना
मोबाइल का बाजार कभी सूना नहीं रहता है। कोरोना महामारी के कारण कुछ महीनों तक यहां बिक्री में गिरावट जरूर आई। लेकिन अब फिर से मोबाइल बाजार गुलजार हो गया है। बाड़मेर के पालिका बाजार में मोबाइल की दुकानों पर सुबह से शाम तक लोगों की स्मार्ट फोन को लेकर भीड़ देखी जा सकती है। दुकानों पर कतारें लगी रहती है। यहां पर कोई कहे युवा ज्यादा आते हैं, लेकिन यह भी सही है कि हर वर्ग को आज स्मार्ट फोन की चाहत है।
मोबाइल फोन को ठीक करवाने में पहले तो समय काफी लग जाता है। फिर उसकी कोई गारंटी नहीं है कि उसमें दुबारा दिक्कत नहीं होगी। पैसे भी काफी लग जाते हैं। अधिकांश मामलों में टच स्क्रीन खराब होती है। इसलिए स्मार्ट फोन खराब होता है तो नया ही खरीदूंगा। ठीक करवाने का कोई मतलब नहीं है
अरविंद सिंह, बाड़मेर
खराब मोबाइल दुरुस्त करवाने केवल एक आता है। वहीं रोजाना नया खरीदने वाले ग्राहक औसतन 10 आते हैं। इसलिए मोबाइल दुरुस्त करने की बजाय बिक्री पर फोकस ज्यादा रहता है। लोग अब खराब हो चुके फोन को ठीक करवाने पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। उनको तो अच्छे फीचर्स के साथ नया स्मार्ट फोन चाहिए।
अनिल कुमार, मोबाइल विक्रेता
स्मार्ट फोन में ये आती है समस्याएं
-टच स्क्रीन का काम नहीं करना
-चार्जिंग साकेट की समस्या
-स्क्रीन डेमेज
-ईयरफोन स्पेस
-बार-बार हैंग
-कनेक्टिवीटी
Published on:
27 Oct 2020 06:10 am
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