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Rajasthan : अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज पूनम कुमार चौधरी नहीं रहे, सैन्य सम्मान संग अंतिम विदाई दी गई, जानें राजस्थान से क्या है कनेक्शन?

Rajasthan : देश को अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी में दो बार मेडल दिलाने वाले सटीक निशानेबाज पूनम कुमार चौधरी का रविवार को निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही गांव में शोक छा गया।
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बाड़मेर

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 12 Jan 2026, 11:41 AM IST

International shooter Poonam Kumar Chaudhary has passed away final farewell with military honors know his Rajasthan connection

गिड़ा के कानोड़ निवासी पूनम कुमार को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी अंतिम सलामी। फोटो पत्रिका

Rajasthan : देश को अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी में दो बार मेडल दिलाने वाले सटीक निशानेबाज पूनम कुमार चौधरी का रविवार को निधन हो गया। बालोतरा के गिड़ा क्षेत्र के कानोड़ निवासी पूनम कुमार के निधन से क्षेत्र सहित पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई। सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। उन्होंने खेलों के माध्यम से न केवल देश, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पटल पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।

अक्टूबर माह में सेवानिवृत्त हुए पूनम कुमार

पूनम कुमार देश सेवा की मजबूत परंपरा से जुड़े रहे। उनके पिता सुखराम भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके थे, जबकि उनका पुत्र रंजीत चौधरी वर्तमान में भारतीय वायु सेना में कार्यरत है। वहीं पूनम कुमार सीमा सुरक्षा बल में असिस्टेंट कमांडेंट के पद से हाल ही अक्टूबर माह में सेवानिवृत्त होकर घर लौटे थे। सेवा काल के दौरान खेलों में विशेष रुचि लेते हुए निशानेबाजी में उल्लेखनीय दक्षता हासिल की।

पूनम कुमार ने निशानेबाजी में कुल 88 मेडल जीते

पूनम कुमार ने 2001 में कॉमनवेल्थ शूटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो मेडल अपने नाम किए है। उन्होंने निशानेबाजी में कुल 88 मेडल जीते हैं, जिसमें 86 नेशनल मेडल में से 17 गोल्ड मेडल जीते है। उनकी खेल उपलब्धियों के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2003 में विक्रम अवार्ड तथा राजस्थान सरकार ने वर्ष 2018 में महाराणा प्रताप अवार्ड से सम्मानित किया। सीमा सुरक्षा बल ने डीजी व आईजी स्तर पर भी उन्हें कई बार पुरस्कृत किया।

गांव में छाई शोक की लहर

उनके निधन की खबर मिलते ही गांव में शोक छा गया। अंतिम संस्कार के दौरान बाड़मेर से नवलाराम के नेतृत्व में बीएसएफ की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी। इस दौरान गगनभेदी नारों से वातावरण भावुक हो उठा।

अंतिम विदाई के अवसर पर भाजपा नेता बालाराम मूंढ, सवाई सिंह भाटी, तेजाराम जाजड़ा, नारायण सिंह राजपुरोहित, देरावर सिंह राठौड़, खम्माराम सहित बड़ी संख्या में परिजन, ग्रामीण और परिचित मौजूद रहे।

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