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Rajasthan News : ‘विकसित राजस्थान’ दौड़ में ये कैसी लापरवाही? प्रतिभागियों को बांटे एक्सपायरी डेट के बिस्किट, देखें VIDEO

राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने 'प्रशासनिक सतर्कता' की पोल खोलकर रख दी है। जहाँ एक तरफ पूरा देश आज 'विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस' मना रहा है, वहीं दूसरी ओर बाड़मेर जिला प्रशासन के एक बड़े आयोजन में हजारों लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ का मामला सामने आया है।
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बाड़मेर

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Nakul Devarshi

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Updated: 15 Mar 2026, 1:07 PM IST

राजस्थान के बाड़मेर में रविवार सुबह आयोजित 'विकसित राजस्थान – रन फ़ॉर राजस्थान' कार्यक्रम में उस समय भारी विवाद खड़ा हो गया, जब प्रतिभागियों को वितरण किए गए बिस्किट के पैकेट 'एक्सपायरी डेट' के पाए गए। हैरानी की बात यह है कि आज 15 मार्च है, जिसे पूरी दुनिया 'विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस' (World Consumer Rights Day) के रूप में मना रही है। इसी खास दिन पर प्रशासन की नाक के नीचे हुई इस लापरवाही ने सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

6 दिन पहले ही एक्सपायर हो चुके थे बिस्कुट

दौड़ पूरी होने के बाद महात्मा गांधी हाई स्कूल मैदान में प्रतिभागियों को अल्पाहार के रूप में केले और पार्ले-जी बिस्किट के पैकेट दिए गए। जब कुछ युवाओं ने पैकेट पर छपी तारीख देखी, तो उनके होश उड़ गए।

  • तारीखों का गणित: बिस्किट की पैकिंग डेट 9 अक्टूबर 2025 थी और इसकी एक्सपायरी डेट 8 मार्च 2026 अंकित थी। यानी आज 15 मार्च को वितरण के समय ये बिस्किट अपनी समय सीमा से 6 दिन पहले ही एक्सपायर हो चुके थे।

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जिला कलेक्टर और दिग्गजों की मौजूदगी में 'चूक'

यह घटना तब हुई जब आयोजन में जिला कलेक्टर टीना डाबी, एडीएम राजेंद्र सिंह चांदावत, जिला परिषद सीईओ समेत प्रशासन के तमाम आला अफसर मौजूद थे। साथ ही भाजपा नेता स्वरूप सिंह खारा और किशोर सिंह कानोड़ जैसे जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रहे थे। जैसे ही एक्सपायरी बिस्किट की बात फैली, अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया और किसी के पास कोई ठोस जवाब नहीं था।

'उपभोक्ता दिवस' पर ही अधिकारों का हनन

प्रतिभागियों ने मौके पर ही भारी नाराजगी जाहिर की। युवाओं का कहना था कि जिस प्रशासन का काम बाजार में मिलावट और एक्सपायरी सामान को रोकना है, वही प्रशासन सार्वजनिक मंच से हजारों लोगों को खराब खाना परोस रहा है। अगर इन बिस्किट को खाने से किसी बच्चे या बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ जाती, तो इसका जिम्मेदार कौन होता?

पीजी कॉलेज से शुरू हुई थी 'दौड़'

बता दें कि युवाओं में जोश भरने के लिए आयोजित यह दौड़ पीजी कॉलेज से शुरू होकर नेहरू नगर ओवरब्रिज और अहिंसा सर्किल होते हुए महात्मा गांधी हाई स्कूल मैदान तक पहुंची थी। इसमें 0-18 वर्ष से लेकर 45 वर्ष से अधिक आयु तक के लोगों ने हिस्सा लिया था। कार्यक्रम का उद्देश्य 'विकसित राजस्थान' का संदेश देना था, लेकिन अंत में हुई इस लापरवाही ने आयोजन की चमक फीकी कर दी।

प्रशासन की कार्रवाई: दुकानदार के खिलाफ जांच शुरू

मामला तूल पकड़ते देख प्रशासन तुरंत हरकत में आया। अधिकारियों ने आनन-फानन में बिस्किटों का वितरण रुकवाया। जिला प्रशासन का कहना है कि जिस दुकानदार से ये बिस्किट खरीदे गए थे, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही, इस बात की भी जांच की जा रही है कि भंडार प्रभारी और वितरण टीम ने पैकेट चेक किए बिना उन्हें जनता को कैसे दे दिया।